उरली फक्त आठवण .. |
विदेश |
1 |
जीवनरेषा |
अज्ञातकुल |
0 |
देहाला चोळुन घेता |
ज्ञानोबाचे पैजार |
6 |
नेहमीचेच यशस्वी कलाकार |
नाना चेंगट |
17 |
सिद्धोबा |
विसुनाना |
23 |
मनमुक्त |
समयांत |
21 |
ओढ तुझी |
आर्णव |
6 |
नरवीर तानाजी मालुसरे "वीरगाथा" |
अनिल तापकीर |
36 |
शेरनीच्या जबड्यात ससा (हझल) |
गंगाधर मुटे |
5 |
स्त्रीस श्रद्धांजली |
सांजसंध्या |
15 |
खोल खोल मनामध्ये... |
वेणू |
8 |
नकोस |
अज्ञातकुल |
7 |
घे उत्तुंग भरारी, |
अनिल तापकीर |
4 |
नाव चालते नावीका रे |
सांजसंध्या |
11 |
दर्द - ऐ - दात |
५० फक्त |
67 |
मी नव्याने कोवळा झालो... |
धन्या |
50 |
मुसळधार पाऊस आणि मि एक एकटा |
श्रीमत |
17 |
मी बिभीषण एकटा |
चाणक्य |
18 |
नि:शब्द .... मी ! |
विदेश |
4 |
पुरुषार्थ |
विदेश |
2 |
राधा |
रेशा |
17 |
नाविन्याची साद |
जयवी |
12 |
आता तू येशील.... |
झंम्प्या |
13 |
आता तरी मानवा सावध होशील का ? |
शिवप्रसाद |
10 |
"माझ्या सर्व विध्यार्थी मित्रांसाठी" |
शिवप्रसाद |
22 |
प्रांतिक किंवा भाषीय वाद |
पंकज रुगे |
3 |
चुप्प! |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
29 |
पिसे |
अज्ञातकुल |
5 |
वेदना |
kanchanbari |
5 |
तेजाळलेल्या रात्रीचे क्षण |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
9 |
शांती नवं वर्षातली |
अत्रुप्त आत्मा |
35 |
माझ्या घरचा नवीन गुंड |
आर्णव |
15 |
घडवून आण मग बोल… |
आर्णव |
6 |
भूक |
अरुण मनोहर |
14 |
एक रानगोष्ट |
अरुण मनोहर |
4 |
मुद्राराक्षस किंवा एका अंगुलीयकाने. |
बॅटमॅन |
39 |
तुझा कुणी केला घात… |
आर्णव |
4 |
झाली माझी गोष्ट |
वामन देशमुख |
24 |
दर्पणाने सांगावे |
सांजसंध्या |
14 |
सांभाळ का म्हणावे, गालातल्या खळ्यांना |
सांजसंध्या |
24 |
एकटेपणा..... |
रणजीत देशमुख |
2 |
.............नियती......... |
प्रेमवेडा |
1 |
विखुरलेला चंद्र - ३ |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
6 |
व्यथा |
सुरताल |
7 |
देह आत्म्याचे मंदीर |
अरुण मनोहर |
11 |
"शिवराय" |
अनिल तापकीर |
18 |
दीप |
समयांत |
16 |
जगत रहायच,जगत रहायच |
कौस्तुभ आपटे |
4 |
कविता |
सु.द.मोरे |
5 |
आजूनहि मी |
श्रीमत |
2 |
कविता |
सु.द.मोरे |
5 |
झक मारली आणी एन्जीनीअरिन्ग्ला आलो.................. |
रणजीत देशमुख |
10 |
राजे संभाजी |
अनिल तापकीर |
39 |
मित्र :) |
रसायन |
7 |
आता तरी देवा, |
अनिल तापकीर |
2 |
प्रिय सचिन देवा..................... |
मंदार कात्रे |
9 |
गाणे गात रहा |
हारुन शेख |
78 |
रात्र चांदणी |
पाषाणभेद |
15 |
मेटामॉर्फिसीस |
स्पंदना |
30 |
पांडुरंग पांडुरंग |
कौस्तुभ आपटे |
10 |
गाल चोळ फक्त |
ज्ञानोबाचे पैजार |
12 |
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सुहास.. |
18 |
तंबाखू |
अत्रुप्त आत्मा |
43 |
पंख |
ज्ञानराम |
15 |
चारोळ्या-(स्वरचित) |
रसायन |
19 |
चारोळी: पाऊस प्रणय रात्र! |
निमिष सोनार |
7 |
परधीन |
अज्ञातकुल |
3 |
नेहेमीच असं होतं, असं नाहि ! |
जेनी... |
27 |
बडवे |
तिमा |
2 |
शब्द - अर्थहीन |
विश्वेश |
2 |