असं कुठं लिहिलंय? |
कर्नलतपस्वी |
13 |
कृतांतकटकामलध्वज जरा जरी पातली...(#) |
अनन्त्_यात्री |
10 |
स्ट्रिंग थिअरीचा पाया |
अनन्त्_यात्री |
5 |
पाउली पैंजणांचा मला भार आहे |
गणेशा |
13 |
नक्षत्रांचे देणे होते |
अनन्त्_यात्री |
4 |
सहा कोवळे पाय |
चांदणे संदीप |
13 |
काही अप ( लोड ) काही डाऊन ( लोड ) |
चित्रगुप्त |
8 |
तीट |
अनन्त्_यात्री |
8 |
बखरीच्या पानाआड |
अनन्त्_यात्री |
6 |
गुरूंना वंदना |
लाल गेंडा |
2 |
पार |
अनन्त्_यात्री |
5 |
पाच सागर |
लाल गेंडा |
2 |
आषाढी एकादश |
बाजीगर |
2 |
गेले द्यायचे राहून..... |
कर्नलतपस्वी |
1 |
जरासे दोन घोट घेऊन लिहावे .. .. |
माहितगार |
10 |
फाया |
अनन्त्_यात्री |
2 |
यंदाचा पाऊस . |
अत्रुप्त आत्मा |
3 |
चक्र |
अनन्त्_यात्री |
0 |
इंद्रायणीकाठी |
कर्नलतपस्वी |
1 |
शाळेचा पहिला दिवस... |
कर्नलतपस्वी |
2 |
न्यायाधीश 'कॅश'वंत वर्मा... |
बाजीगर |
3 |
चा-वट पॉर्निमा! |
कानडाऊ योगेशु |
4 |
वळण |
नपा |
6 |
त्रिमितीच्या तुरुंगात |
अनन्त्_यात्री |
3 |
ओलसर क्षण... |
निशांत_खाडे |
1 |
गवळण |
रामदास |
3 |
चुकलो का मी? |
अनन्त्_यात्री |
9 |
सुट्टी |
माहितगार |
0 |
मागवणे |
बाजीगर |
7 |
रात्रंदिन आम्हां ट्रॅफिकचा प्रसंग | |
चामुंडराय |
0 |
(ढू आय डी) |
कर्नलतपस्वी |
3 |
स्वर आले दुरूनी...विडंबन (सर आले दुरूनी) |
OBAMA80 |
1 |
आजीच्या घरातली गंमत |
लाल गेंडा |
1 |
कृष्णविवर |
अनन्त्_यात्री |
3 |
राजा माझा |
लाल गेंडा |
2 |
लैराईदेवी जत्रा चेंगराचेंगरी |
बाजीगर |
2 |
त्यांनी हल्ला केला... आम्ही कडिनिंदा केली! |
अमरेंद्र बाहुबली |
12 |
मानवतेचं कलेवर |
कर्नलतपस्वी |
22 |
अम्रीकेच्या वाटे कुचूकुचू काटे..... |
कर्नलतपस्वी |
17 |
जर्द पिवळी विजार |
वामन देशमुख |
4 |
त्या पडद्याच्या पल्याड वसते |
अनन्त्_यात्री |
0 |
जर्द पिवळी दुपार |
अनन्त्_यात्री |
6 |
तू जीव माझा- तू प्राण माझा - आलीस तू अवचिता |
चित्रगुप्त |
22 |
अरेबिक समुद्र ते हिंदी महासागर: जागतिक भाषा प्रेम |
माहितगार |
13 |
'मिसळपाव' चा गदारोळ |
माहितगार |
15 |
(ताज्या घडामोडी~ एप्रिल फूल २०२५) |
अनन्त्_यात्री |
4 |
....विश्वाची उलगड होते..... |
कानडाऊ योगेशु |
15 |
चिटिश कुमार.... !! |
बाजीगर |
12 |
ढेरी पॉम पॉम - बडबड गीत |
माहितगार |
0 |
शब्दच ईश्वर जेमिनी एआय निर्मित दोन कविता |
माहितगार |
1 |
रोजचे मरणे - गूगल एआयची कविता |
माहितगार |
3 |
शब्दच ईश्वर जेमिनी एआय निर्मित दोन कविता |
माहितगार |
0 |
आंधळं दळतंय, कुत्रं पीठ खातंय.... |
बाजीगर |
0 |
सौगात-ए-मोदी |
बाजीगर |
10 |
(पावश्या लवकर आलाच आहे तर.....) |
अनन्त्_यात्री |
0 |
रा.स्व.सं.शताब्दी वर्ष अभिनंदन |
बाजीगर |
2 |
असत्यवक्ता स्वर्णकेश: |
युयुत्सु |
18 |
निघा निघा चिऊताई |
अनन्त्_यात्री |
8 |
स्त्रीत्वाचे शीलहरण! |
गंगाधर मुटे |
1 |
आग व संशयाचा धुर |
बाजीगर |
0 |
तुकाराम बीज सोहळा... |
बाजीगर |
1 |
अभ्यासोनी मग ... |
अनन्त्_यात्री |
0 |
नाराजीनामा |
बाजीगर |
1 |
दिसे ची ना |
बाजीगर |
5 |
सतारीचे बोल |
कर्नलतपस्वी |
7 |
परीक्षा...कुणाची ? |
बाजीगर |
3 |
लाडकी झाली दोडकी... |
बाजीगर |
1 |
मोकलाया दाहि दिश्या |
सतिश |
329 |
शब्दांचा दंश जिव्हारी |
अनन्त्_यात्री |
0 |
घरगुती हिंसा व पोटगी |
बाजीगर |
3 |