नवे देव आणि त्यान्चे नवे भाव |
शेखरमोघे |
1 |
भरारी |
अज्ञातकुल |
5 |
मिपाकरलक्षणे समास द्वितीय |
सस्नेह |
50 |
कारण जीवन हे लोणचं आहे... |
भिकापाटील |
13 |
अंथर |
अज्ञातकुल |
1 |
हॅपी न्यू यर रे बाबांनो... |
वेल्लाभट |
1 |
झिंगूनी गुत्त्यात सार्या... |
धन्या |
27 |
२०१४ चा आशावादी आढावा !! |
निमिष सोनार |
8 |
एक चारोळी ... ! |
psajid |
0 |
बाप माणुस |
jaypal |
7 |
बिंब आणि प्रतिबिंब |
शेखरमोघे |
0 |
तेंव्हा |
psajid |
4 |
अनुप्रीती |
अज्ञातकुल |
4 |
तू रे पल्याड गोविंदा! |
आतिवास |
23 |
का रे बा विठ्ठ्ला का न भेटी मला? |
पाषाणभेद |
8 |
अशाच एका सांज वेळी |
पंडित मयुरेश ना... |
3 |
दिवस आठवले आपल्या जुन्या मैफिलीचे..... |
पंडित मयुरेश ना... |
6 |
कवडसे |
उपटसुंभ |
5 |
थोडं थोडं जगून घे |
वैभवकुमारन |
3 |
झुळुक वादळी |
अज्ञातकुल |
3 |
आयुष्य |
हेमान्गी |
2 |
नाही चाखली चव 'लाडू'ची- (विडंबन) |
विदेश |
8 |
व्युत्क्रमी परिकर्म |
निनाद |
19 |
चिर अनंत |
अज्ञातकुल |
0 |
दॅट्स व्हाय इंडिया महान है : नागपुरी तडका |
गंगाधर मुटे |
12 |
बसा की एकदा खुर्ची वरती |
विवेकपटाईत |
2 |
लेखकु |
मंदार दिलीप जोशी |
5 |
झुक्या तुझ्या फेसबुकला |
विनय_६६७ |
4 |
आलेख |
अज्ञातकुल |
3 |
~झालंया सगळ येगळ~ |
वैभवकुमारन |
0 |
फुकुशिमानो तोत्तोचान |
नगरीनिरंजन |
3 |
प्रौढखणी |
अज्ञातकुल |
1 |
"पाऊस येईल" |
अमेय६३७७ |
22 |
दिवा आणि ती |
अमेय६३७७ |
14 |
कविता : घरची मैफल !! |
बाळअमोघ |
2 |
गूढ भाषा नयनांच्या !! |
बाळअमोघ |
0 |
"घन आज तो कठोर आहे" |
वैभवकुमारन |
7 |
असे होणारच |
वैभवकुमारन |
1 |
बोकुल्या ये ना |
विनय_६६७ |
17 |
जत्रा |
विनय_६६७ |
0 |
~देवा आता हार मान तू~ |
वैभवकुमारन |
2 |
प्रेम-एक काव्यगुण |
अत्रुप्त आत्मा |
24 |
जे न देखे आम्ही... |
हैयो हैयैयो |
13 |
सये शीकलो आहे तुझ्यावाचून जगण्याची मी गोडी |
वैभवकुमारन |
8 |
ऐश्वर्य |
सार्थबोध |
1 |
"यमाची वरात" |
वैभवकुमारन |
11 |
परिपूर्ण गीता |
अज्ञातकुल |
0 |
'हरवलेलं गाव' |
वैभवकुमारन |
8 |
वसा संस्कृतीचा |
BONGALE SANTOSH... |
5 |
जगणं |
psajid |
1 |
मन म्हणते आहे !! |
psajid |
10 |
~आज मला शब्द व्हायचय~ |
वैभवकुमारन |
5 |
हात |
विवेकपटाईत |
30 |
बेधुंद मनीचे बोल... |
आनंदमयी |
5 |
पगडी |
मनीषा |
10 |
शीळा घास |
वैभवकुमारन |
2 |
खळबळ |
अज्ञातकुल |
10 |
"वेडी" |
अमेय६३७७ |
27 |
गूज |
अमेय६३७७ |
13 |
मडकी |
सोनल कर्णिक वायकुळ |
9 |
'वाढदिवस' |
अमेय६३७७ |
28 |
अव्यक्तांच्या समिधा |
सांजसंध्या |
17 |
शापवाणी |
धन्या |
24 |
किनारा |
सागरलहरी |
4 |
आजही मला ते सर्व आठवतय |
धमाल मुलगा |
9 |
अरूप |
सागरलहरी |
12 |
विचार |
अमोल मेंढे |
2 |
लागले वेड मज | |
प्रमोद देर्देकर |
2 |
हे....त्तिच्या बहीन |
अमोल मेंढे |
20 |
बरं झालं मी नोकरी करतो |
चाणक्य |
16 |