न न न कविता |
विवेकपटाईत |
18 |
मुठठा माई (विडंबन) |
गरजू पाटिल. |
6 |
रेल्वे पोलीस |
यल्लप्पा सट्वजी... |
12 |
विरहणी आणि वीज |
विवेकपटाईत |
1 |
सुट्टी म्हणजे -[बालकविता] |
विदेश |
3 |
बरेच दिवस झाले, ट्रेक झाला नाही |
वेल्लाभट |
10 |
कुणी जाल का |
मित्रहो |
5 |
कल्चर इट स्त्राटेजी फॉर ब्रेकफास्ट |
पगला गजोधर |
12 |
अमराईतला निवडुंग, |
ज्ञानोबाचे पैजार |
14 |
२. नको बोलु बाबा काही |
गणेशा |
15 |
छोटू सरदार- (बालकविता) |
विदेश |
8 |
करार |
ज्ञानोबाचे पैजार |
6 |
रातीत लाज ओली |
अर्व |
27 |
आई..... |
गणेशा |
7 |
गॅलरीतला पालापाचोळा |
शिव कन्या |
2 |
पिंक जिव्हारी गर्दुल्ल्याचे नकादु चेण्यापका सके |
शरदिनी |
40 |
असतेस घरी तू जेव्हा...(विडंबन ) |
Vimodak |
2 |
डुडुळगावचा गोलंदाज |
शरदिनी |
60 |
कारुण्याशा |
शरदिनी |
37 |
मालगाड़ी |
Vimodak |
20 |
क्षितिज-कुंपण |
Vimodak |
10 |
'माझा' अभिप्राय |
प्रसाद गोडबोले |
12 |
कविता - हापूस |
वेल्लाभट |
24 |
अंध चित्र |
शब्दानुज |
9 |
माय... |
ऊध्दव गावंडे |
10 |
मग कळेल मझा...! |
विशाल कुलकर्णी |
13 |
खातेस घरी तू जेव्हा - (विडंबन) |
विदेश |
0 |
३. नको येवुस पोरी |
गणेशा |
12 |
अलविदा मागील वर्ष...... |
निनाद जोशी |
1 |
शामसुंदर घननिळा...... |
निनाद जोशी |
4 |
(सुचत नाही....) |
चुकलामाकला |
7 |
कधी येईल आठवण माझी ..... |
psajid |
1 |
क्षणभंगुरता |
माम्लेदारचा पन्खा |
14 |
शिवराय बोलले आज |
वेल्लाभट |
28 |
विश्वास आजूबाजूंच्यावरचा |
पगला गजोधर |
0 |
विश्वास श्वासावरचा |
शब्दानुज |
4 |
(दाढदिवस) |
रेवती |
48 |
हं ! ते तुला कधी जमलेय |
खटासि खट |
3 |
'काका' वदून गेल्या, आता बघेन म्हणतो |
चतुरंग |
48 |
"धागाप्रसवचळ",अर्थात जिल्बिकंडशमनमठ्ठाझल |
नाखु |
7 |
आईशप्पथ.........!!!! |
एक एकटा एकटाच |
3 |
अनुत्तरीत प्रश्न |
झंम्प्या |
4 |
सावधान! मगरमच्छी अश्रू |
विवेकपटाईत |
2 |
अंथरुण (कामात बिझी असणाऱ्या मित्रांना) |
Vimodak |
9 |
अंथरुणातील कामात बिझी असणाऱ्या मित्रांना |
पगला गजोधर |
19 |
मौनात दडले क्रौर्य |
गणेशा |
13 |
रात्रप्रवासी |
Vimodak |
5 |
समुद्र |
Vimodak |
8 |
राख |
Vimodak |
6 |
ठळक माझी मेहुणी.... |
चुकलामाकला |
47 |
टु शेक्सपिअर विथ लव |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
9 |
व्ह्यालेन्टायीन दिन'दिवाणे' |
फुंटी |
10 |
हेल्मेट |
संजुदा |
6 |
नेता व्हायचंय एका रात्रीत ? |
संजुदा |
7 |
रातराणी |
Vimodak |
9 |
बाटलीचखणा घेऊन पिण्यासाठी या : नवसागरी भडका |
सतिश गावडे |
8 |
दिशाहीन |
Vimodak |
7 |
लेकीसूना घेऊन नाचासाठी या : नागपुरी तडका |
गंगाधर मुटे |
4 |
नकळत … |
अनामिक२४१० |
7 |
अजूनही तळपते आहे माझी लेखणी , माझा कुंचला !!! |
Rajvardhan |
1 |
रात्र...!!!!! |
एक एकटा एकटाच |
15 |
पाहून घे महात्म्या |
गंगाधर मुटे |
8 |
क्षमा नावाच्या भूमातेस |
देवदत्त परुळेकर |
1 |
फणा |
मित्रहो |
26 |
नाते आपुले तसेच आतून... |
आनंदमयी |
20 |
एका बापाची व्यथा ....... |
चुकलामाकला |
51 |
कर्म माणसाचे, दोष "कर्त्याला"!! |
निमिष सोनार |
2 |
वैश्विक खाज नाही |
गंगाधर मुटे |
8 |
पप्पू माझा लेकुरवाळा |
लॉर्ड फॉकलन्ड |
6 |
माझे शब्द |
Rajvardhan |
0 |