खास १ एप्रिल साठी चॅट जीपीटीच्या सहाय्याने तयार केलेले काव्य
(Verse 1)
अपराधों के खिलाफ, लड़ती है हमारी ED,
आर्थिक अपराधों का, करती है नियंत्रण।
कानून की रक्षा, है उसका कर्तव्य,
जनता की सुरक्षा, है उसका धर्म।
(Chorus)
ED, ED, है हमारी ED,
अपराध के खिलाफ, है हमारी जंग।
(Verse 2)
काले धन के खिलाफ, खड़ी है यह सेना,
भ्रष्टाचार की आग में, जलती है यह लेना।
जुर्म के खिलाफ, चलती है यह बड़ी,
सच्चाई के खोज में, लगती है यह प्रयासी।
(Chorus)
ED, ED, है हमारी ED,
अपराध के खिलाफ, है हमारी जंग।
(Bridge)
सत्य की राह पर, अड़े हैं हम सभी,
अपराध के खिलाफ, बढ़ रही है यह लड़ाई।
(Chorus)
ED, ED, है हमारी E
ओह.
मस्त
मस्त
पण लोकशाहीचं काय? त्यावरही
In reply to पण लोकशाहीचं काय? त्यावरही by कंजूस
हे बरं आहे... सगळे चिमटे
In reply to हे बरं आहे... सगळे चिमटे by अहिरावण
लोकशाही, स्वातंत्र्य आणि बरेच