| काव्य |
प्रेमदिन |
जयवी |
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कडकलक्ष्मी |
क्रान्ति |
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शिव-वडा |
पॅपिलॉन |
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काही जुनी टिपणे. |
रामदास |
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हसली रे हसली... |
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देणे |
क्रान्ति |
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(नको आणखी ) |
अमोल केळकर |
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बाबरीचे श्राद्ध |
शरद जयकर |
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हवी..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
नको आणखी |
जयवी |
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(बोका) |
शाहरुख |
| काव्य |
(कविते, हे तर तुझेच देणे..!) |
चतुरंग |
| काव्य |
कविते, हे तर तुझेच देणे..! |
प्राजु |
| काव्य |
(धोका) |
चतुरंग |
| काव्य |
उमेद |
विजुभाऊ |
| काव्य |
राणी वै-याची रात्र आहे |
शरद जयकर |
| काव्य |
<परा> |
विजुभाऊ |
| काव्य |
धोका |
क्रान्ति |
| काव्य |
कधी कधी |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| काव्य |
म्हणून..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
माझेच होते..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
अंगाई |
क्रान्ति |
| काव्य |
आठवण...(२) |
प्रभो |
| काव्य |
कारे प्रिया दूर जाशी, |
सागरलहरी |
| काव्य |
आज अचानक... |
नीलांबरी |
| काव्य |
रुतावे कुठे |
जयवी |
| काव्य |
मनात माझ्या... |
अजिंक्य |
| काव्य |
माझी अगतीकता |
पाषाणभेद |
| काव्य |
(लिहावे कुठे) |
चेतन |
| काव्य |
काकमित्रा |
सागरलहरी |