| काव्य |
प्रित माझी कळेना.. |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
प्रहरांचे दु:ख..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
अगतिक..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
(कोडगं सुख.....) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
असे सखे तू रुसू नको ना..... |
सागरलहरी |
| काव्य |
कोडगं सूख..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
तत्वज्ञान..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
या गूढ सावल्यांनी.. |
प्राजु |
| काव्य |
व्हर्च्युअल रिअॅलिटी |
श्रावण मोडक |
| काव्य |
(कुठे भास होतो मला 'कोंकणाचा') |
चतुरंग |
| काव्य |
हे चित्र पहा आणि ते चित्र पहा" |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
वाट चुकवेल वाट |
क्रान्ति |
| काव्य |
((त्यांच्या लग्नाची पत्रिका आज घरी आली)) |
Nile |
| काव्य |
नववधु |
अनिरुद्धशेटे |
| काव्य |
फर्निचर |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
छंद दे.. |
प्राजु |
| काव्य |
हवे कुणाला...! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
थरथरत्या ज्योतीला अंधाराचा भार |
सागरलहरी |
| काव्य |
[उन घे] |
अमृतांजन |
| काव्य |
क- कवितेचा |
उग्रसेन |
| काव्य |
(छंद दे) |
चतुरंग |
| काव्य |
आक्रोश...! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
सोनपावले ही तुझी... |
अंकुश चव्हाण |
| काव्य |
<strong>खेळ मांडला.....</strong> |
उदय सप्रे |
| काव्य |
गवगवा..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
विडंबक |
चतुरंग |
| काव्य |
वेल |
सागरलहरी |
| काव्य |
भूताच्या भूतकाळाचे गूढ प्रेम...!!! |
निमिष सोनार |
| काव्य |
इज्जत! |
दिनेश५७ |
| काव्य |
मला पुन्हा एकदा |
विश्वेश |