| काव्य |
तुझ्या रेशमी केसांनी |
विजुभाऊ |
| काव्य |
अस्सल देशीच ( विदेशी कायकू) |
विजुभाऊ |
| काव्य |
बेघर |
बेसनलाडू |
| काव्य |
घर |
sur_nair |
| काव्य |
जबरा नशीला ! ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
कोल्हापुर |
नाद्खुळा |
| काव्य |
आठव |
आमोद |
| काव्य |
स्वप्ने |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| काव्य |
(....पुन्हा पुन्हा!) |
चतुरंग |
| काव्य |
रस्त्यात मामा आडवा येतो जेंव्हा... |
Navigator |
| काव्य |
जातो म्हणतोस..... |
Dhananjay Borgaonkar |
| काव्य |
..... पुन्हा पुन्हा ! |
जयवी |
| काव्य |
पहिला पाउस |
नाद्खुळा |
| काव्य |
नजर |
प्रभो |
| काव्य |
भग्न किनारे |
जयवी |
| काव्य |
जाणीव |
तुका म्हणे |
| काव्य |
स्त्री - पुरुष |
मंगेशपावसकर |
| काव्य |
करप्शन |
श्रीराम पेंडसे |
| काव्य |
न्युड पोर्ट्रेट |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
जन्मा येण्या कारण तू.. |
प्राजु |
| काव्य |
अंतर |
sur_nair |
| काव्य |
समर्थांना पत्र |
नाद्खुळा |
| काव्य |
कर्मण्येवाधिकारस्ते . . . |
दत्ता काळे |
| काव्य |
चंदनाचे जीवन |
moghe |
| काव्य |
कवितक -१ माणूस अशातला - माणूस तशातला |
चित्रा |
| काव्य |
माय मराठी |
नाद्खुळा |
| काव्य |
बघता बघता |
नाद्खुळा |
| काव्य |
कारण ती माझी चांगली मैत्रीण होती......... |
मंगेशपावसकर |
| काव्य |
||इंजिनिअरिंगचे श्लोक|| |
चिर्कुट |
| काव्य |
सोहम |
वर्षा म्हसकर-नायर |