| काव्य |
आस ! जन्मो जन्मीची ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
रस्ता ओलांडता - २ |
sur_nair |
| काव्य |
हा हा हा हा |
kanhegaonkar |
| काव्य |
मंडली, म्या एक दादांसारकी कविता ल्यिहल्येली हाय. वाचा तर मंग आता. |
पाषाणभेद |
| काव्य |
अहो पाहुणे हळुहळू होवू द्या, घाई करू नका, असं लाजू नका |
पाषाणभेद |
| काव्य |
चालू करा तुमचे इंजन |
पाषाणभेद |
| काव्य |
चल उसात दंगा करू |
पाषाणभेद |
| काव्य |
चला जोडीनं तण हे काढू, चला ठिबकसिंचन करू |
पाषाणभेद |
| काव्य |
काठावरती तुम्ही उभे (बैठकीची लावणी) |
पाषाणभेद |
| काव्य |
दगडफोड्याचं गाणं (मेहनतीची लावणी: घावावर घाव घाला) |
पाषाणभेद |
| काव्य |
..(चुकले माझे).. |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
जखम |
चन्द्रशेखर गोखले |
| काव्य |
.. जगण्यात काय आहे? |
राघव |
| काव्य |
दागे उल्फत का जलाना |
सागरलहरी |
| काव्य |
नाचरी गाय - २ (आधारित) |
चित्रा |
| काव्य |
आमच्या सम आम्हीच ! ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
पाठलाग |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
रातराणी |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
परम सन्तोश |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
'आई'[एस.एम.एस.] |
डावखुरा |
| काव्य |
कवितेचा मार ! ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
रानातली वाट - The Way Through the Woods |
sur_nair |
| काव्य |
घाट चढा आता |
पाषाणभेद |
| काव्य |
(बस्स्स नकोस आता) |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
व्यवसायभिमुख शिक्षण |
सुवर्णमयी |
| काव्य |
पाउस २- शिघ्र |
नाद्खुळा |
| काव्य |
सफरचंदाच्या हंगामातली गाय - रॉबर्ट फ्रॉस्ट |
धनंजय |
| काव्य |
नाचरी गाय - (आधारित) |
चित्रा |
| काव्य |
सोनसाजिरी पौणिमा.. |
प्राजु |
| काव्य |
रेडिओ |
पाषाणभेद |