(नको आणखी )
संदर्भ : भारताचा क्रिकेट सामन्यात नुकताच झालेला पराभव
प्रेरणा : नको आणखी
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मांडणी नव्याने नको आणखी
सणकून हारणे नको आणखी
उदास व्हावे पुन्हा मीच का
क्रिकेट पाहणे नको आणखी
येणे तुझे क्षणभराचेच का
बारा वाजणे नको आणखी
बॅटीत जबरी जहिराती तुझ्या
लोगो लावणे नको आणखी
धुंदी चढावी फटक्यानी तुझ्या
परत फसवणे नको आणखी
जगणार आहे तुझ्याच विना
नवीन सामने नको आणखी
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अमोल केळकर
काव्यरस
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बॅटीत जबरी
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मस्तच !!