जायचेच होते दूर तर केलीस सलगी कशासाठी?
वाजवलीस अंगावर शहाऱ्यांची हलगी कशासाठी?
शेवटचे बोल मैं तुझसे मिलने आ जाऊं क्या,
नकार देण्याआधी करतेस दिल्लगी कशासाठी?
जायचे होते माझ्या लाडीला घेऊन सासरवाडीला,
स्वप्नकोंबड्यांवर टाकलीस तू डालगी कशासाठी?
फुटक्या तोंडास या, तेरे गली में बघती राठ बाया ,
दगड व्ह्यायचे सोडून झालीस तू मुलगी कशासाठी?
प्रेरणा : https://youtu.be/XfivqjQzu8Y?si=K7ZmBaWFo6e86hDc
मूळ थोर लिरिक्ष :
बोल मै हलगी बजावू क्या
ए माझ्यापेक्षा भारी नाचून दाखवायचं
कोण कोण नाचणार ?
तु उठ, तु पण उठ
ए आता सगळेच उठा
ए मेरे लाडी को सासरवाडी को लेके जाउ क्या
मेरे लाडी को सासरवाडी को लेके जाउ क्या
जाउ क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै हलगी बजावू क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै हलगी बजावू क्या
सुबह तुझको मिलना तो मै आज पहाटच उठ गया
और तुझसे मिलते समय हलगी बजाते बजाते मेरा टिपरूच तूट गया
मग तेरा न मेरा लगीन होने दे मांडव सजावू क्या
तेरा न मेरा लगीन होने दे मांडव सजावू क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै हलगी बजावू क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै हलगी बजावू क्या
मै तेरे गली मे आया तो मेरे तोंडा को बघती साऱ्या बाया
और मै तुझको इशारा करणे को संतोष घाडगे की ढोलकी भी लाया
मग आने दे कुणी भी आडवा सबकी बत्ती बुझाऊ क्या
आने दे आडवा कुणी भी सबकी बत्ती बुझाऊ क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै ढोलकी बजावू क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै ढोलकी बजावू क्या
बाळा बबडू पिल्लू सोना जानू ऐसा कबतक बोलोगी
और मेरे नाम का मंगळसूत्र अपने गले मे कभी घालोगी
गाणा तेरे साजन का दुनिया मे ले जाऊ क्या
गाणा तेरे साजन का दुनिया मे ले जाऊ क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै ढोलकी बजावू क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै ढोलकी बजावू क्या
मेरे लाडी को सासरवाडी को लेके जाउ क्या
मेरे लाडी को सासरवाडी को लेके जाउ क्या
जाउ क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै हलगी बजावू क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै हलगी बजावू क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
अन बोल मै संबळ बजावू क्या
मै तुझसे मिलने आ जाऊ क्या
मै सगळंच एकदम बजावू क्या