पैशाचा पाऊस
लेखनविषय:
- Read more about पैशाचा पाऊस
- 8 प्रतिक्रिया
- Log in or register to post comments
----------------------------------------------------------------------------------------------------------
पैशाचा पाऊस
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------
विऱ्याने समोर नाचणाऱ्या पोरींवर नोटा उधळल्या .
जणू पैशाचा पाऊसच !
पोरी जाम खुश. त्यांना माहिती होतं गिऱ्हाईक येडं झालंय म्हणून .
रात्रीची वेळ होती. पनवेलच्या त्या डान्सबारमध्ये रात्र रंगात आली होती. त्याचबरोबर जवानी आणि नशासुद्धा ! बार बराच मोठा होता. मध्ये डान्सफ्लोअर होता. चारी बाजूंनी गिऱ्हाईकं बसली होती. तर्राट झालेली.