| काव्य |
ऐक धरित्रे!! |
प्राजु |
| काव्य |
दे दे भाकर |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
गुलमोहोर असा |
नेहमी आनंदी |
| काव्य |
जय जवान जय किसान ! |
चन्द्रशेखर गोखले |
| काव्य |
(वार्धक्य) |
चेतन |
| काव्य |
२६/११ : एक पाशवी आगळीक |
गिरीश कुळकर्णी |
| काव्य |
(पिवळा बाज) |
चेतन |
| काव्य |
सागरतिरी उसळती लाटा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
(माझाच माज) |
llपुण्याचे पेशवेll |
| काव्य |
(हिरवा माज) |
चतुरंग |
| काव्य |
(माजुर्डा डास) |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| काव्य |
[कसाही का असेना] |
अमृतांजन |
| काव्य |
वार्धक्य |
गिरीश कुळकर्णी |
| काव्य |
हिरवा साज |
जयवी |
| काव्य |
(२६/११/२००९) |
चेतन |
| काव्य |
<नंदनला पत्रे> |
पिवळा डांबिस |
| काव्य |
आमचा रंग देऊन पाहा |
गिरीश कुळकर्णी |
| काव्य |
बुधवारची कविता: (प्रतिसाद का टिकेना) |
llपुण्याचे पेशवेll |
| काव्य |
२६/११/२००९ |
ऋषिकेश |
| काव्य |
(मी आणि (लेखांचा) पाऊस!) |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| काव्य |
मी आणी पाउस |
प्रभो |
| काव्य |
बोलताना का सुचेना.. |
प्राजु |
| काव्य |
स्वप्न आणि सत्य ! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
दयाघना गणराया दे चरणी आसरा |
मितालि |
| काव्य |
[मित्र] |
अमृतांजन |
| काव्य |
चित्र |
sneharani |
| काव्य |
[घोडा] |
अमृतांजन |
| काव्य |
शनिवारचा उतारा: ((संभवित) तह) |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| काव्य |
इलिनॉईच्या दुगाण्या |
शरदिनी |
| काव्य |
कोडी-२ |
केशवसुमार |