[घोडा]
भाई भी बन गया भावूक आणि उसको लग्या की कविता लिखे.
नेहमी प्रमाणे मुळ कवियित्रीची माफी मागून-
हरेक बंदेको मैने थमा दिया घोडा
तब्बीच महेसूस किया मैने चैन थोडा
फिल्लीममे देका होयंगाच तुमने ऐसा झमेला
बचपनसे मैने छोडा घर सीदा आया मुंबैला
न थी पैरोमे चप्पल, जेबभी था फटेला
गल्लीके भाईने मेरेकू बुलाया तभी
मैने भी सोचा नही एक मिनटभी
भाई बोला, "आजसे तेरा नाम हतौडी!"
भाईने बहोत मारा, वैसाच जीना भी सिकाया
बडा हुवा जैसे, सुपारी लेके लोगोंको टपकाया
पताही न चला मै सैतान कब बन गया
क्यों मुझे मेरा रास्ता यहातक लाया?
न मैने सोचा था, अपनेआप हो गया
न कोई मंजिल थी, फिर भी चलता गया!
काव्यरस
| लेखनविषय: |
|---|
याद्या
1937
प्रतिक्रिया
3
मिसळपाव
प्रतिक्रिया
बोले तो
हर एक
In reply to बोले तो by माधुरी दिक्षित
मैने अपने
In reply to बोले तो by माधुरी दिक्षित