| काथ्याकूट |
प्रेम करायला जागा नसलेली मुंबई |
हैदर अली |
| जनातलं, मनातलं |
आता पुढे काय? |
रम्या |
| जे न देखे रवी... |
शिशिरमासी |
चतुरंग |
| काथ्याकूट |
विवाहपूर्व एच. आय. व्ही. चाचणी |
व्यंकट |
| जनातलं, मनातलं |
संत - कुसुमाग्रज (एक विलक्षण अनुभव) |
मानस |
| जनातलं, मनातलं |
महामानवाला प्रणाम! |
विसोबा खेचर |
| जे न देखे रवी... |
आम्ही कोण? |
धोंडोपंत |
| जे न देखे रवी... |
तुझ्या भावनांची शपथ आहे (कविता) - सागर |
सागर |
| काथ्याकूट |
आजचा सुधारक कोंडीतून सुटका |
प्रकाश घाटपांडे |
| जे न देखे रवी... |
व्हीस्की आणखी रम यातुनी, कोण आवडे अधिक तुला? |
अविनाश ओगले |
| जनातलं, मनातलं |
शेजारचे जातियवाद व राजकारण |
सतीश वळीव |
| जे न देखे रवी... |
व्हॅलेंटाईन्स डे.... |
प्राजु |
| जे न देखे रवी... |
झोप |
वडापाव |
| जे न देखे रवी... |
सोड असले नाद सगळे |
केशवसुमार |
| जे न देखे रवी... |
दिशा, वाट अन् `वाट' |
आपला अभिजित |
| जनातलं, मनातलं |
सर्जनशीलता, लायकी आणि मार्केटिंग......आमच्या नाटकातला एक संवाद |
भडकमकर मास्तर |
| जनातलं, मनातलं |
बातमी वाचून वाईट वाटलं - राज बर्डफ्लू से ग्रस्त चूजा-बाल ठाकरे |
शरुबाबा |
| जनातलं, मनातलं |
ही बातमी वाचून मन विषण्ण झाले. |
चतुरंग |
| काथ्याकूट |
सेझ बद्दल कोणी माहिती देऊ शकेल काय? |
सागर |
| जे न देखे रवी... |
फासले ऐसेभी होंगे - भावानुवाद - असेल अंतर असेही... |
ॐकार |
| जे न देखे रवी... |
मी एक परिस्थिती |
ऋषिकेश |
| जे न देखे रवी... |
सांज.. |
प्राजु |
| जे न देखे रवी... |
तीन पत्तीच्या खेळाची |
केशवसुमार |
| जे न देखे रवी... |
प्रिया आज माझी.. |
सर्वसाक्षी |
| जनातलं, मनातलं |
ग्रस्तास्त चंद्रग्रहण दिनांक २१ फेब्रुवारी २००८ |
धोंडोपंत |
| जनातलं, मनातलं |
तूच आहेस तुझ्या र्हासाचा शिल्पकार |
इनोबा म्हणे |
| जे न देखे रवी... |
वाद्यं |
नन्दु |
| जे न देखे रवी... |
(काहीच्या) काही चारोळ्या |
आपला अभिजित |
| जनातलं, मनातलं |
विचार |
प्रशांतकवळे |
| जे न देखे रवी... |
(आपण...) |
केशवसुमार |