| जे न देखे रवी... |
[मूल ते मा़झेच होते] |
अमृतांजन |
| जे न देखे रवी... |
ते झाड़ तोडले कोणी ? |
सागरलहरी |
| जे न देखे रवी... |
कान्हा तुझ्या मुरलीचा, साज असा छळतो रे, |
सागरलहरी |
| जे न देखे रवी... |
फूल ते माझे न होते.... |
सागरलहरी |
| जे न देखे रवी... |
काळ......... |
चन्द्रशेखर गोखले |
| जे न देखे रवी... |
<शेवट> |
ऋषिकेश |
| जे न देखे रवी... |
वेडा |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| जे न देखे रवी... |
(ते जीवच वेडे होते) |
चेतन |
| जे न देखे रवी... |
त्यात काय मोठंसं...? |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
ते जीवच वेडे होते |
क्रान्ति |
| जे न देखे रवी... |
(शेवट) |
केशवसुमार |
| जे न देखे रवी... |
शेवट |
बेसनलाडू |
| जे न देखे रवी... |
एक मुक्तक. |
रामदास |
| जे न देखे रवी... |
(अवांतर) |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| जे न देखे रवी... |
मत्सर ... |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
बुधवारची कविता: (टारोबा तुज शहीद केले) |
llपुण्याचे पेशवेll |
| जे न देखे रवी... |
कविते, तुज शोधित आले |
क्रान्ति |
| जे न देखे रवी... |
खंत..... |
उदय सप्रे |
| जे न देखे रवी... |
<पुन्हा ती भेटली तेव्हा.> |
विजुभाऊ |
| जे न देखे रवी... |
पुन्हा ती भेटली तेव्हा.. |
ज्ञानेश... |
| जे न देखे रवी... |
[गणिती सुत्रे] |
अमृतांजन |
| जे न देखे रवी... |
ठेव |
क्रान्ति |
| जे न देखे रवी... |
ऐक धरित्रे!! |
प्राजु |
| जे न देखे रवी... |
दे दे भाकर |
कानडाऊ योगेशु |
| जे न देखे रवी... |
गुलमोहोर असा |
नेहमी आनंदी |
| जे न देखे रवी... |
जय जवान जय किसान ! |
चन्द्रशेखर गोखले |
| जे न देखे रवी... |
(वार्धक्य) |
चेतन |
| जे न देखे रवी... |
२६/११ : एक पाशवी आगळीक |
गिरीश कुळकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
(पिवळा बाज) |
चेतन |
| जे न देखे रवी... |
सागरतिरी उसळती लाटा |
पाषाणभेद |