| जे न देखे रवी... |
गमक-२ |
केशवसुमार |
| जे न देखे रवी... |
(उशिराने आलेलं) शहाणपण..... |
उदय सप्रे |
| जे न देखे रवी... |
दुरावा |
जयवी |
| जे न देखे रवी... |
(दाढदिवस) |
रेवती |
| जे न देखे रवी... |
('वाढ'दिवस) |
चतुरंग |
| जे न देखे रवी... |
तुझ्या विना ... |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
अहो पाव्हनं, अंमळ घ्या विसावा , |
सागरलहरी |
| जे न देखे रवी... |
गेले आडवे मांजर! |
मानस६ |
| जे न देखे रवी... |
शनिवारचा ऊतारा.. अजुन एक दुविधा |
हर्षद आनंदी |
| जे न देखे रवी... |
शनिवारचा उतारा - दुविधा |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| जे न देखे रवी... |
बुधवारची कविता : (खवट) |
llपुण्याचे पेशवेll |
| जे न देखे रवी... |
<सवयीने मंद > |
विजुभाऊ |
| जे न देखे रवी... |
सात .... |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
रात्र मिलनाची ... ! |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
कधीतरी |
नेहमी आनंदी |
| जे न देखे रवी... |
(सवयीने मंद) |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| जे न देखे रवी... |
निरंजन |
दमनक |
| जे न देखे रवी... |
जगलो जरी मी खुप. |
टुकुल |
| जे न देखे रवी... |
[मूल ते मा़झेच होते] |
अमृतांजन |
| जे न देखे रवी... |
ते झाड़ तोडले कोणी ? |
सागरलहरी |
| जे न देखे रवी... |
कान्हा तुझ्या मुरलीचा, साज असा छळतो रे, |
सागरलहरी |
| जे न देखे रवी... |
फूल ते माझे न होते.... |
सागरलहरी |
| जे न देखे रवी... |
काळ......... |
चन्द्रशेखर गोखले |
| जे न देखे रवी... |
<शेवट> |
ऋषिकेश |
| जे न देखे रवी... |
वेडा |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| जे न देखे रवी... |
(ते जीवच वेडे होते) |
चेतन |
| जे न देखे रवी... |
त्यात काय मोठंसं...? |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
ते जीवच वेडे होते |
क्रान्ति |
| जे न देखे रवी... |
(शेवट) |
केशवसुमार |
| जे न देखे रवी... |
शेवट |
बेसनलाडू |