| काव्य |
(लावू कशी पाटी मी दुकानला हो ) |
अमोल केळकर |
| काव्य |
छायाचित्र क्र. ४ चे परिक्षण |
ऋषिकेश |
| काव्य |
भातुकलीच्या खेळामधले, राजा आणिक राणी..... |
मृगनयनी |
| काव्य |
कधी सांगु शकलो नाही तुम्हाला...... |
चिंतामणराव |
| काव्य |
(...आदिम घास...) |
चतुरंग |
| काव्य |
...आदिम ध्यास... |
स्वाती फडणीस |
| काव्य |
पाहुनी तुमची सोंगेढोंगे |
शंकर पु. देव |
| काव्य |
गोपाला गोपाला... देवकीनंदन गोपाला......! |
मृगनयनी |
| काव्य |
फाळणी |
सौरभ वैशंपायन |
| काव्य |
फोड रे मटका... |
ऋषिकेश |
| काव्य |
सल ... |
मनीषा |
| काव्य |
हुरहुर |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
उधळीत जा ग फुले मोग-याची |
अनिल भारतियन |
| काव्य |
राती आभाळ रडलं |
अनिल भारतियन |
| काव्य |
आठवण........ |
Anonymous (not verified) |
| काव्य |
(प्रतिबिंब ) |
विजुभाऊ |
| काव्य |
विडंबन ("कर्ज" च्या निमित्ताने) |
उपटसुंभ |
| काव्य |
स्पर्श तुझ्या शब्दांचा... |
अंकुश चव्हाण |
| काव्य |
हा पहाटवारा... |
अंकुश चव्हाण |
| काव्य |
पण............ |
नम्रता वर्तक |
| काव्य |
झाडाच्या मुळांना मला एकदा विचारायचंय... |
अविनाश ओगले |
| काव्य |
जायचे होते कुठे पण... |
शंकर पु. देव |
| काव्य |
वेदना |
पंचम |
| काव्य |
(पहा वेळ झाली!) |
चतुरंग |
| काव्य |
वस्ति वसविली मी अगदी जगावेगळी |
श्रीकृष्ण सामंत |
| काव्य |
प्रतिबिंब |
पद्मश्री चित्रे |
| काव्य |
मौनाला फुटली वाणी!.. |
स्वाती फडणीस |
| काव्य |
वादळ आता माणसाळतंय...... |
मनीषा |
| काव्य |
तिन्ही त्रिकाळ |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
चमचम करती ऐने |
स्वांतसुखाय |