| काव्य |
(खायचे आहे कुठे?) |
चतुरंग |
| काव्य |
लावणी |
अभिजीत मोटे |
| काव्य |
पुरस्कार (लघुकथा ) |
अमोल केळकर |
| काव्य |
मन |
दत्ता काळे |
| काव्य |
आत्मक्लेश२ |
नंदकिशोर साळ्वे |
| काव्य |
आत्मक्लेश |
नंदकिशोर साळ्वे |
| काव्य |
जाम कोणी देइ |
धनंजय |
| काव्य |
मराठी भाषा एक चिरन्तन जीवनप्रवाह |
अनिरुद्धशेटे |
| काव्य |
खेळ दोन ओळींचा - १ |
राघव |
| काव्य |
तुझ्या माझ्यासवे कधी गायचा दाऊदही...! |
उपटसुंभ |
| काव्य |
नाच नाच मोरा.. |
स्वाती फडणीस |
| काव्य |
एका सुन्दर मुलीसाठी |
अनिरुद्धशेटे |
| काव्य |
काही माणसं |
ग्रीष्म |
| काव्य |
काटा रुते कुणाला |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
वाटले की शेवटी होकार झाला |
धनंजय |
| काव्य |
(टाळतो) |
चतुरंग |
| काव्य |
समस्यापूर्ती |
रामदास |
| काव्य |
ते आणि आम्ही |
अजय जोशी |
| काव्य |
निकामी |
पद्मश्री चित्रे |
| काव्य |
तू अशी स्वप्नात माझ्या |
अमोल केळकर |
| काव्य |
पटकन एक छोटीशी |
मुक्तसुनीत |
| काव्य |
मराठीतील अजरामर गीतांचा इतर भाषिकांनाही आस्वाद घेता यावा म्हणून हा प्रयत्न... |
बहुगुणी |
| काव्य |
एक शृंगारीक कविता |
रामदास |
| काव्य |
बिहारी कणा .. (कुसुमाग्रजांची क्षमा मागून) |
उपटसुंभ |
| काव्य |
आकाश-जमीन |
अमोल केळकर |
| काव्य |
चारोळ्यांचा चखणा |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
कुणी बेभान म्हणतं मला... |
फटू |
| काव्य |
कका ची बाराखडी (भारूड) |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
निरर्थक... |
अजय जोशी |
| काव्य |
(प्रवाह) |
बिनडोक बनी |