| काव्य |
बायको बरोबर भाजीला गेलो... |
अविनाश ओगले |
| काव्य |
राधा |
क्रान्ति |
| काव्य |
नमन |
गोगट्यांचा समीर |
| काव्य |
भारतीय ! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
भूमिका |
क्रान्ति |
| काव्य |
स्वप्नांचे पहारेकरी |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| काव्य |
विझलेला विद्वंश |
विजुभाऊ |
| काव्य |
परिणिता.. |
प्राजु |
| काव्य |
पुन्हा |
क्रान्ति |
| काव्य |
'नांदा सौख्यभरे' (राखी तू मांडले। तुझे स्वयंवर) |
अविनाश ओगले |
| काव्य |
|| गीत अभिमानाचे स्फुरु दे || |
मनीषा |
| काव्य |
दिवाळीची पहाट |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| काव्य |
थांब ना.. |
प्राजु |
| काव्य |
कविता लिहिताना! |
गोगट्यांचा समीर |
| काव्य |
जन उडाण संपाचे |
कौतुक शिरोडकर |
| काव्य |
काहीच्या काही... |
विमुक्त |
| काव्य |
डंकर्कचे विद्धविवेचन |
शरदिनी |
| काव्य |
(थांब ना ...) |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| काव्य |
(थांब ना..) |
चेतन |
| काव्य |
बेधडक जगायचय |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| काव्य |
तेच तेच परत परत |
गोगट्यांचा समीर |
| काव्य |
(डांबिस पिवळा) |
पिवळा डांबिस |
| काव्य |
हिंदोळा |
शरदिनी |
| काव्य |
आधुनिक रामायण .... |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
मल्हारसांज |
कौतुक शिरोडकर |
| काव्य |
तिने केली एक कविता |
दत्ता काळे |
| काव्य |
ध्येय! |
राघव |
| काव्य |
(गलका!) |
केशवसुमार |
| काव्य |
(धोतरत्र्य ) |
विजुभाऊ |
| काव्य |
(कट्ट्यानंतरचे कवित्व) |
पिवळा डांबिस |