| काव्य |
..मोक्ष.. |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
मन काहूर... |
प्राजु |
| काव्य |
र्निमाल्यातिल दोन फुले-- |
पुष्कराज |
| काव्य |
(सारे कसे सुने सुने वाटते) |
दशानन |
| काव्य |
सारे कसे नवे नवे वाटते |
पाषाणभेद |
| काव्य |
(( ती - सहा ओळीत )) |
दशानन |
| काव्य |
प्रेम - चार ओळीत |
पुष्कराज |
| काव्य |
गणेश माझा........ |
अनिरुद्धशेटे |
| काव्य |
चांदण्यातले जेवण |
नाना बेरके |
| काव्य |
गणपती बाप्पा मोरया ! (भक्तिरस) |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
ये र बालां |
ब्रिटिश |
| काव्य |
गणेशवंदना |
क्रान्ति |
| काव्य |
पुन्हा एकदा... |
हृषीकेश पतकी |
| काव्य |
पसाभरं |
शैलेन्द्र |
| काव्य |
(ऐन दुपारी!) |
चतुरंग |
| काव्य |
कलमी झाड |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| काव्य |
न्यास |
क्रान्ति |
| काव्य |
माझी गाथा .....! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
माझी पण एक (पाडीव) कविता (काव्यरस - टिंगल) |
युयुत्सु |
| काव्य |
आठवते का सारे सारे? |
पाषाणभेद |
| काव्य |
मनातली शाळा |
हृषीकेश पतकी |
| काव्य |
सहज चाळले.. |
प्राजु |
| काव्य |
(सहज चोळले..) |
ज्ञानेश... |
| काव्य |
(तरीबी तिच्यायला आमी येक इडंबन करनार !!) |
चतुरंग |
| काव्य |
तरीबी तिच्यायला आमी येक कविता करनार !! |
शाहरुख |
| काव्य |
मी एक सिग्नल पिवळा |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| काव्य |
स्वातंत्र्यदिन (?) चिरायु होवो ......! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
गिफ्ट |
हृषीकेश पतकी |
| काव्य |
कृष्णार्पण |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
अर्थ |
अ-मोल |