| काव्य |
गीत: कधी कधी खोटं बोलाया लागते |
पाषाणभेद |
| काव्य |
गीत: अरे अरे रिक्षावाल्या |
पाषाणभेद |
| काव्य |
आमंत्रण .... |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
मदवल माया थोली ले.. |
राघव |
| काव्य |
आपली व्यक्तिपूजा |
अभिरत भिरभि-या |
| काव्य |
(किमया) |
केशवसुमार |
| काव्य |
पुन्हा एकदा खाउच! |
शानबा५१२ |
| काव्य |
गीत: भंगार डबा बाटली आसंल तर देवून टाका |
पाषाणभेद |
| काव्य |
लावणी: सोन्याची अंगठी मजला आणुन द्या |
पाषाणभेद |
| काव्य |
“ रात्र यौवनांत ” |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
< पहीलं अॅडव्हेन्चर , पहीलं चुंबन> |
शुचि |
| काव्य |
(पहिला पाऊस पहिली भेट) |
अडगळ |
| काव्य |
पहिला पाऊस पहिली भेट |
स्वप्निल मन |
| काव्य |
गीत: कसं जगावं या असल्या दिवसात |
पाषाणभेद |
| काव्य |
अगा लेखकांनो |
सन्जोप राव |
| काव्य |
हे वारिस शाह! - अमृता प्रीतमच्या काव्याचा अनुवाद |
अरुंधती |
| काव्य |
मिपामिपा खेळणार |
सहज |
| काव्य |
गीत: गरमी चा आलाय उन्हाळा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
मुसळ धार पाऊस |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
..बावळट ध्यान.. |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
गीत: डायवर दादा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
ड्रायव्हर |
हेरंब |
| काव्य |
पिकल्या आंब्याला |
पाषाणभेद |
| काव्य |
को़ळी |
सुवर्णमयी |
| काव्य |
गीत: पहाटे पहाटे जवळ तू ये ना |
पाषाणभेद |
| काव्य |
असल्या प्राण्याला |
केसुरंगा |
| काव्य |
(नको तेच झाले) |
चेतन |
| काव्य |
(नको तेच झाले) |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
पाऊस |
अनिरुध्द |
| काव्य |
पावसाची कविता |
दत्ता काळे |