| काव्य |
आस “ नाविन्याची “ |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
कालू कौआ |
सहज |
| काव्य |
शेतकरी गीत: शेतात पेरणीची चल झाली आता वेळ |
पाषाणभेद |
| काव्य |
वा(रुळ) |
sur_nair |
| काव्य |
[कूळ ] |
प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे |
| काव्य |
??? |
प्रमोद देव |
| काव्य |
(वळ) |
अर्धवट |
| काव्य |
नळ |
अर्धवट |
| काव्य |
(गळ) |
मोहन |
| काव्य |
सुळ |
कोदरकर |
| काव्य |
(तूळ) |
शुचि |
| काव्य |
( फौल ) : स्पॅनिश व्हर्शनसह ... |
छोटा डॉन |
| काव्य |
घो(स)ळ |
आंबोळी |
| काव्य |
(धूळ) |
llपुण्याचे पेशवेll |
| काव्य |
<<टेंगूळ>> |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
पळ |
सहज |
| काव्य |
मूळ |
केशवसुमार |
| काव्य |
(रुल) |
केसुरंगा |
| काव्य |
बालकविता - मोठ्यांचे ऐका |
शुचि |
| काव्य |
खूळ ( पैलवानकीचं ) |
अडगळ |
| काव्य |
भूल |
श्रावण मोडक |
| काव्य |
(रूळ) |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
(धूळ) |
प्रभो |
| काव्य |
<चूळ> |
शुचि |
| काव्य |
(खूळ) |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| काव्य |
(गूळ) |
चतुरंग |
| काव्य |
रुळ |
अवलिया |
| काव्य |
युगलगीत : अलवार गुपित उमगले प्रितीचे |
पाषाणभेद |
| काव्य |
" स्वप्न" पहिला पाउस |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
युगलगीत: ही धुंद पावसाळी हवा |
पाषाणभेद |