| काव्य |
माते अंबे भवानी नमितो जिजा-बाई (राजमाता जिजाउंचे पुण्य स्मरण ) |
सागरलहरी |
| काव्य |
गाणे : असेच असते जीवन कुणाचे, नच तयाला कोणी गणती |
पाषाणभेद |
| काव्य |
एकदा होवोनी पक्षी |
पाषाणभेद |
| काव्य |
ही ही तिची गाथा |
आनंद घारे |
| काव्य |
वादळ वळवाचे |
धनंजय |
| काव्य |
देवा ढळो नेदी | माझी चित्त वृत्ती | |
सागरलहरी |
| काव्य |
एक जुना मित्र भेटला .. |
सागरलहरी |
| काव्य |
गे कविते |
सागरलहरी |
| काव्य |
बीज... |
शैलेन्द्र |
| काव्य |
असच काहीसं |
नेहमी आनंदी |
| काव्य |
प्रलय |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
उगाच काहितरी |
शिल्पा ब |
| काव्य |
छंद |
नेहमी आनंदी |
| काव्य |
संदेश |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
कृष्णपिसे |
झुम्बर |
| काव्य |
(कित्तीदा) |
llपुण्याचे पेशवेll |
| काव्य |
गाणे : पायी चालतोया पंढरीची वारी |
पाषाणभेद |
| काव्य |
<अनावर> |
सहज |
| काव्य |
(अनावर) |
अडगळ |
| काव्य |
..रस्ता.. |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
कितीदा..! |
विसोबा खेचर |
| काव्य |
कुंभारवाडा |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
(पारध) |
अवलिया |
| काव्य |
दक्षिणायन.. |
विसोबा खेचर |
| काव्य |
हाती माझ्या शुन्यच उरले |
पाषाणभेद |
| काव्य |
पारध |
सहज |
| काव्य |
वस्ती..! |
विसोबा खेचर |
| काव्य |
देखावे.. |
विसोबा खेचर |
| काव्य |
सहज सुचल म्हणुन |
jaypal |
| काव्य |
गीत: वाटे मज अपार सुख |
पाषाणभेद |