| काव्य |
नको तेच झाले |
क्रान्ति |
| काव्य |
दिसू लागले स्पष्ट जसे हे |
केशवसुमार |
| काव्य |
कातरवेळ |
दत्ता काळे |
| काव्य |
..पाऊस मोठा अस्सा यावा.. |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
कषाय-दान |
पुष्कर |
| काव्य |
तुझी जीन्स पॅन्ट |
पाषाणभेद |
| काव्य |
आणि अचानक..... |
हर्षद आनंदी |
| काव्य |
चार ओळी मनापासुन... |
हर्षद आनंदी |
| काव्य |
बरे नाही |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
आंधळ्याच नशीब |
शानबा५१२ |
| काव्य |
बजरंगाचा भक्त पैलवान |
पाषाणभेद |
| काव्य |
तुझ्या रूपातले राग |
शैलेन्द्र |
| काव्य |
नदीकाठी सासूरवाशीण |
पाषाणभेद |
| काव्य |
पोवाडा मर्द मावळ्याचा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
त्याचे तिचे प्रश्नोत्तरे |
पाषाणभेद |
| काव्य |
कळालं तेव्हा... |
मराठमोळा |
| काव्य |
मॅकमामा मॅकमामा गेलास का ? |
अडगळ |
| काव्य |
रातराणी ? ? ? अरे बाप रे ! ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
(किनारा ) |
चेतन |
| काव्य |
तुझ्या रूपातले राग |
क्रान्ति |
| काव्य |
किनारा |
आनंदयात्री |
| काव्य |
<>आपलं कसं जमणार<> |
परिकथेतील राजकुमार |
| काव्य |
आपलं कसं जमणार? |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
सुखी माणसाचा सदरा….! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
काय अपशकून घडला |
पाषाणभेद |
| काव्य |
युगलगीत: चल दुर दुर दुर दुर जावू (दोन आवृत्या) |
पाषाणभेद |
| काव्य |
केव्हा तरी ... |
मनीषा |
| काव्य |
सख्या हो दिलवरा तल्वार दुर धरा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
शरदिनी |
दशानन |
| काव्य |
न्हाउन ओले केस घेवून |
पाषाणभेद |