( प्रतिसाद संकलन )
(प्रेरणा : http://www.misalpav.com/node/34982 )
प्रतिसादांचा सिक्सर हा कुठल्याही काथ्याकुटात चर्चेत कवितेवर थोडक्यात सर्वत्रच असायलाच हवा असा भाग. कुठे धागा काढायचा अवकाश, की तिथे जाऊन आलेल्यांच्या प्रतिसादांवर उपप्रतिसाद सुरू होतात, "ल्ल्ल्ल्ल्ल्लूऊऊऊ", "चालु दे तुमचे निरर्थक अत्मरंजन" वगैरे. शिवाय " अच्चा अचं जालं तलं" असे प्रतिसाद सुद्धा.
मिसळपाव
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