| काव्य |
समुद्र... |
veebee009 |
| काव्य |
निरगाठी... |
नीधप |
| काव्य |
माय मराठी |
veebee009 |
| काव्य |
पाण्याच्या थेंबासाठी |
सुवर्णमयी |
| काव्य |
स्फोटात फाटलेले डबे |
ग्रीष्म |
| काव्य |
तरी हरकत नाही. |
श्रीकृष्ण सामंत |
| काव्य |
देवद्वारी (देवद्वार छंद) |
लिखाळ |
| काव्य |
(अष्टाक्षरी छंद) |
मनीषा |
| काव्य |
प्रभात राग रंगती... |
विसोबा खेचर |
| काव्य |
वसंत (पादाकुलक) |
चेतन |
| काव्य |
पाउस |
ब्रिटिश |
| काव्य |
अनुष्टुभ छंद - विस्तारीत अष्टाक्षर बांधणी |
बेसनलाडू |
| काव्य |
तुलना ( अष्टाक्षरी) |
कपिल काळे |
| काव्य |
(धोरण) देवद्वार छंद |
चेतन |
| काव्य |
आठवण (देवद्वार छंद) |
चेतन |
| काव्य |
मिसळपाव काव्यकट्टा - काव्यस्पर्धा नोव्हेंबर २००८ - अभिप्राय |
धोंडोपंत |
| काव्य |
मिसळपाव काव्यकट्टा - काव्यस्पर्धा नोव्हेंबर २००८ |
धोंडोपंत |
| काव्य |
देवद्वार छंद |
धोंडोपंत |
| काव्य |
आमची बायको कुत्रा पाळते |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
बरेच काही..! |
उपटसुंभ |
| काव्य |
(चकणा ) |
अमोल केळकर |
| काव्य |
वसुली |
श्रीकृष्ण सामंत |
| काव्य |
हा स्पंद फुलण्याचा |
दत्ता काळे |
| काव्य |
माझी विठ्ठल माऊली.. |
राघव |
| काव्य |
काळ्या पिशवीत पिशवीत |
मूखदूर्बळ |
| काव्य |
अर्थ काय ह्याचा? |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
फुलपाखरु |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
(होता खमंग, होता चकणाहि खास बाकी) |
चतुरंग |
| काव्य |
उद्वेग विसरून कसं चालेल? |
श्रीकृष्ण सामंत |
| काव्य |
येथे..! |
उपटसुंभ |