| काव्य |
आले गणपती माझ्या अंगणी |
पाषाणभेद |
| काव्य |
नाचू या, गावू या, चला चला सारे या |
पाषाणभेद |
| काव्य |
कविता - २ |
अथांग |
| काव्य |
आठवण |
विश्नापा |
| काव्य |
पिकलं पान |
पाषाणभेद |
| काव्य |
हनुमंताची व्यथा ! |
चिगो |
| काव्य |
एक कविता....(हे कवितेचे नाव नाही) पण शीर्षक हवेच...मग काय करा? |
अथांग |
| काव्य |
शेतकरी गीत: आज सण हाय बैलपोळा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
सुखाचे स्वागत... |
विदेश |
| काव्य |
(बाणा) |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| काव्य |
गौळण: असा काय करशी तु रे नंदाच्या कान्हा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
अट्टल चोरटा मी........!! |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
कोणीच ना पहाते... |
स्वानंद मारुलकर |
| काव्य |
मी पुरुष बिच्चारा |
गणेशा |
| काव्य |
स्वप्नांचे पान मुंबई . . . |
गणेशा |
| काव्य |
पावसांत वडवानल ! ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
वाक्याचा अर्थ सांगाल का? |
शानबा५१२ |
| काव्य |
नाव माझे याच नावाच्या पुढे लागेल का? |
स्वानंद मारुलकर |
| काव्य |
भारत माझा देश आहे........... |
संदीप परांजपे |
| काव्य |
प्रेमाचा आयकर |
स्पा |
| काव्य |
अवचीत यावं कुनी |
पाषाणभेद |
| काव्य |
नि:शब्द ……! ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| काव्य |
गण: माझ्या गणाला गणपती आले |
पाषाणभेद |
| काव्य |
चाललो मी.... |
स्वानंद मारुलकर |
| काव्य |
सही |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
गंमतीची गोष्ट |
नीधप |
| काव्य |
<घोगरा> |
नाटक्या |
| काव्य |
मोगरा |
शुचि |
| काव्य |
माणूस म्हणून जगण्याची ही किंमत.... |
दशानन |
| काव्य |
“( अ ) द्वितिय ” प्रेम |
निरन्जन वहालेकर |