| काव्य |
गंधवार्ता |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
मैत्रि (एक खोडकर ओलावा) |
कल्पेश इसई |
| काव्य |
विभन्ग |
कल्पेश इसई |
| काव्य |
फुलपाखरु |
सद्दाम हुसैन |
| काव्य |
माझी शब्दरचना |
कल्पेश इसई |
| काव्य |
पुन्हा क्रांती |
चन्द्रशेखर गोखले |
| काव्य |
जोवरी आहे जीव, तोवरी घ्या रामराम |
पाषाणभेद |
| काव्य |
गौळण: अरे कान्हा तू मजला असा छेडू नको |
पाषाणभेद |
| काव्य |
भसभसून उसळे नरड्यामधुनी धार |
शहराजाद |
| काव्य |
हडळ जागी भूत जागे |
केशवसुमार |
| काव्य |
आता काही देणे घेणे उरले नाही |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
सुसाट..... नादखुळे विनोद..!! |
Arun Powar |
| काव्य |
तुझं माझं घर... |
जयवी |
| काव्य |
नेट नेटकं |
चन्द्रशेखर गोखले |
| काव्य |
प्रतिष्ठा |
स्पंदना |
| काव्य |
(सोसुनी सोसास या आक्रोश माझा वेगळा) |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
युगलगीतः मी सिता अन तुमी माझं राम |
पाषाणभेद |
| काव्य |
अमुच्यावरच्या धाग्यासंगे युद्ध आमुचे सरू |
केशवसुमार |
| काव्य |
<<विंडबकांच्या 'फळ'प्राप्तीसाठी युद्ध आमुचे सुरू >> |
सुहास.. |
| काव्य |
(फुटकळ गळक्या कौलांसंगे युद्ध आमुचे सुरू) |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
महागाईगीत: कसली भाजी करू मी आज |
पाषाणभेद |
| काव्य |
नाट्यगीतः सोडा हातातल्या हाता नाथा आता |
पाषाणभेद |
| काव्य |
कव्वाली : आता कोठे, मी कोठे तू? दुर निघुनी गेलो |
पाषाणभेद |
| काव्य |
(चौकट) |
बेसनलाडू |
| काव्य |
कै. नारायण सुर्वे यांची "मुंबई" हि कविता मला हवी आहे. |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
शेतकरी गीतः हाती नांगर आडवा धरा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
मनसे गीत |
पाषाणभेद |
| काव्य |
चौकट |
दत्ता काळे |
| काव्य |
माझी - ती.... |
अथांग |
| काव्य |
संधी |
चन्द्रशेखर गोखले |