| काव्य |
आरती भ्रष्टाचाराची - |
विदेश |
| काव्य |
फार पडझड झालीय ह्या शरीराची !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
..दाढी आणि खाज.. |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
मी पुरुष बिच्चारा |
गणेशा |
| काव्य |
काढला संग्रह कवितांचा - |
विदेश |
| काव्य |
भस्म्या |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
नाग !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
आई !!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
हलक्या फुलक्या पिसासारखे फुलपाखरू !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
विसर- भुकेचा |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
आई.. मिटलेला श्वास - ७ |
गणेशा |
| काव्य |
मठ्ठपणाचा भाव असणारी दुपार !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
पाउस असा बघावा .....!!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
न-निशाण |
तिमा |
| काव्य |
शब्द्-छल |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
(भांडणं..तिचं) |
बेसनलाडू |
| काव्य |
चांदणं... तुझं |
जयवी |
| काव्य |
(((निशाण))) |
अवलिया |
| काव्य |
..मी गरुडभरारी घेता... |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
((निशाण)) |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
(निशाण) |
अवलिया |
| काव्य |
निशाण |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
आई.. मिटलेला श्वास - ६ |
गणेशा |
| काव्य |
(पडुन आहे गात्र कुजुनि) |
मेघवेडा |
| काव्य |
'आलेख' |
स्पंदना |
| काव्य |
चालता डौलात तू ग - |
विदेश |
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साद घालतो रानवारा |
दशानन |
| काव्य |
दिवाळी पाडवागीत: आज आनंद आसमंतात भरला |
पाषाणभेद |
| काव्य |
घोषणा झाली... |
अजय जोशी |
| काव्य |
अभंगः विठ्ठल उभा विटेवरी |
पाषाणभेद |