| काव्य |
नवे साल गाणे जुने गात आहे... |
मयुरेश साने |
| काव्य |
अबोला गाजला होता..... |
मयुरेश साने |
| काव्य |
नूतन वर्षाच्या शुभेच्छांसाठी |
भाववेडा |
| काव्य |
नुतनवर्षास.... |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
आरती गुरूदत्ताची |
पाषाणभेद |
| काव्य |
चारोळी : नव्या वर्षाचा नवा थाट!! |
निमिष सोनार |
| काव्य |
नुसतेच ! |
विश्वेश |
| काव्य |
कडेलोट ! |
विश्वेश |
| काव्य |
लाखाचा असो वा कोटीचा, तुमचे आमचे सेम असते.......... |
अमोल देशमुख |
| काव्य |
मतिमंद |
तिमा |
| काव्य |
शेतकरी गीतः आम्ही शेतात कसणारे शेतकरी |
पाषाणभेद |
| काव्य |
खरे काय नी खोटे काय ? |
दत्ता काळे |
| काव्य |
नभी उठतो बुलंद आवाज मराठीचा |
गणेशा |
| काव्य |
सोकावलेल्या अंधाराला इशारा |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
युगलगीतः आपला संसार सुखाचा करूया |
पाषाणभेद |
| काव्य |
सगळेच अवघड होऊन बसले आहे ...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
Now we are only two :: टू वन्स आर टू :: बे एके बे |
पाषाणभेद |
| काव्य |
माझे खोलपण असेच उथळ उथळ |
फ्रॅक्चर बंड्या |
| काव्य |
कंटाळून गेलेय ...!!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
जगावेगळे विश्व कवीचे - |
विदेश |
| काव्य |
नूतन मराठीचा गौरव |
युयुत्सु |
| काव्य |
सावध व्हावे हे जनताजन |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
अंतर्धान अस्तित्व माझे ... |
गणेशा |
| काव्य |
प्रार्थना ...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
तुझी माझी प्रित होती |
पाषाणभेद |
| काव्य |
ती येणार आहे ...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
किम्म्त .. विचारांची .. |
गणेशा |
| काव्य |
जा जग !! .. (अध्यात्मिक कदाचीत) |
गणेशा |
| काव्य |
अग्नि.. |
ज्ञानराम |
| काव्य |
व्यथा वार्धक्याची |
अनिल आपटे |