| काव्य |
बाबा !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
अजून श्वास पाळती ! तुझ्या खुणा पुन्हा पुन्हा........ |
मयुरेश साने |
| काव्य |
(पोट मागते ते - चरण्या अजून काही...) |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
शब्द मागती ते - लिहिण्या अजून शाई... |
मयुरेश साने |
| काव्य |
का शब्द मी निघालो खोडून वाचलेला?.... |
मयुरेश साने |
| काव्य |
किती चाटणार भारतपुत्रा? : नागपुरी तडका |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
मन पखरु |
अनिल आपटे |
| काव्य |
किनारा |
शैलेन्द्र |
| काव्य |
कशी बदलून जाते ही सुंदर सकाळ !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
प्रतिभावंत !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
तरीही तिने मुस्कुरावे कशाला ?... |
मयुरेश साने |
| काव्य |
आई... मिटलेला श्वास.. १० |
गणेशा |
| काव्य |
अधुरी प्रेम कहाणी |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
सगळे बहाणे माफ आहेत प्रेमात !! [नवीन ] |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
सगळे बहाणे माफ आहेत प्रेमात !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
नसतेस घरी तू तेव्हा... "फणसाची फुले" ( विडंबन ) (Nasates Ghari Tu Tevha...) |
बोलघेवडा |
| काव्य |
बघ कशा संवेदना गातात माझ्या |
मयुरेश साने |
| काव्य |
जीव गुंतला ( चाल : खेळ मांडला ) |
गणेशा |
| काव्य |
माझिया केसानो!! |
रमणरमा |
| काव्य |
रक्षण |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
आई ... मिटलेला श्वास.. ९ |
गणेशा |
| काव्य |
परदेशी गेलेल्या मुलास ......./ |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
परदेशी गेलेल्या मुलास ......./ |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
प्रतिबिम्ब |
मूकवाचक |
| काव्य |
म्हातारा |
प्रकाश घाटपांडे |
| काव्य |
खाजकविता २ - दाढी , झुरळ आणि कविता... |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
आई ... मिटलेला श्वास.. ८ (मनपक्षी माखले सारे) |
गणेशा |
| काव्य |
अनंत शुभेच्छा !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
तुला ना कळे लोचनांची कहाणी.. |
राघव |
| काव्य |
चुंबिण्या येऊ नको तू............ |
मयुरेश साने |