| काव्य |
मराठी शाळेचे भारुड |
विनायक प्रभू |
| काव्य |
एक भावगीत |
रामदास |
| काव्य |
या पाखरांस आता--- |
पुष्कराज |
| काव्य |
कुणाच्या ह्या वेणा |
नीधप |
| काव्य |
प्रेमदिनाची पूर्वसंध्या |
जयवी |
| काव्य |
व्हॅलेंटाईनच्या निमीत्ताने |
मूखदूर्बळ |
| काव्य |
दुधवाच्या जंगलात मी एक जिवंत वाघ पाहिला |
माझी दुनिया |
| काव्य |
-गणेश स्तवन- |
अनिरुद्धशेटे |
| काव्य |
कशी येशील कोंदणी??...(व्हॅलेंटाईन डे स्पेशल) |
चतुरंग |
| काव्य |
कधी येशील कोंदणी??... (खास व्हॅलेंटाईन डे साठी) |
प्राजु |
| काव्य |
सजनासाठी... |
अंकुश चव्हाण |
| काव्य |
श्रावणातील सण |
अथांग सागर |
| काव्य |
सुख पुढे वाटे.... |
संध्यानंदन |
| काव्य |
आनंद शोधतांना..! |
राघव |
| काव्य |
(गंधांच्या उलाढाली) |
चतुरंग |
| काव्य |
अटी शर्थी लागु |
सुचेता |
| काव्य |
अमृतराय झोपडीत का गेला? |
चतुरंग |
| काव्य |
एक वेडी आशा |
ज्ञानदा कुलकर्णी |
| काव्य |
घेतली ओठात आम्ही |
परिकथेतील राजकुमार |
| काव्य |
घेतली मिठीत आम्ही |
पुष्कराज |
| काव्य |
अ |
पुष्कराज |
| काव्य |
कोणास ठाऊक कसा पण्...विडंबनात उतरला पिडा... |
शितल |
| काव्य |
मी बोचले म्हणालो |
केशवसुमार |
| काव्य |
कधी असे ... |
मनीषा |
| काव्य |
तो चावला मघाशी ह्यांना अशा ठिकाणी |
बेसनलाडू |
| काव्य |
असा ही एक भावानुवाद "हो ना गं आई" |
श्रीकृष्ण सामंत |
| काव्य |
तुझे सब है पता... चा भावानुवाद |
आचरट कार्टा |
| काव्य |
रासलीला |
पुष्कराज |
| काव्य |
पण तू मात्र - 2 |
sanjubaba |
| काव्य |
बाम |
केशवसुमार |