| काव्य |
घनगंध |
सागरलहरी |
| काव्य |
तुझा सूर्य मला उसना दे ! |
सागरलहरी |
| काव्य |
अंतीच्या कळान्चे | जिवाला लागीर | |
सागरलहरी |
| काव्य |
श्री शिवस्तुती |
पुष्कराज |
| काव्य |
निराकारी रंगारी |
तिमा |
| काव्य |
शेवटची रात्र ! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
( मी लिहिल्यावर पळुनी जातील -- ) |
अमोल केळकर |
| काव्य |
कशी कोण जाणे |
कौतुक शिरोडकर |
| काव्य |
(काव्यप्रसववेदना) |
अनामिक |
| काव्य |
काव्यप्रसववेदना |
आपला अभिजित |
| काव्य |
आतुर |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
वेणू |
कौतुक शिरोडकर |
| काव्य |
ते पण एक वय असतं |
ashwin joshi |
| काव्य |
मागवेन व्हिस्की, मागवेन ब्रॅंडी..! |
उपटसुंभ |
| काव्य |
पहाट |
पद्मश्री चित्रे |
| काव्य |
महाराज.., शिवछत्रपती अवतरले त्राते | |
सागरलहरी |
| काव्य |
मी गेल्यावर वि़झुनी जातील-- |
पुष्कराज |
| काव्य |
राधा ही बावरी |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
तु म्हणजे.... |
बाप्पा |
| काव्य |
तो बेत कालचा मुळीच ठरला नव्हता |
केशवसुमार |
| काव्य |
(आड गल्लीतल्या काही कविता) |
चतुरंग |
| काव्य |
अडगळीतल्या काही कविता. |
रामदास |
| काव्य |
मी कोण ...... |
चिंतामणराव |
| काव्य |
क्षण |
झेल्या |
| काव्य |
te pan ek vay asta |
ashwin joshi |
| काव्य |
श्रावण शृंगार (गझल) |
संदीप चित्रे |
| काव्य |
तिची रुणूझुणू चाल--- |
पुष्कराज |
| काव्य |
सावर ग स्वतःला ..... |
मितालि |
| काव्य |
आई |
ज्याक ऑफ ऑल |
| काव्य |
सखे ठोठावते आहेस कुठले दार देहाचे? |
ॐकार |