| काव्य |
(जीव गुंतला) |
गणेशा |
| काव्य |
थंडी माघाची |
पाषाणभेद |
| काव्य |
जीवन |
विदेश |
| काव्य |
झुरळे !! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
(बोंबाबोंब) |
मूकवाचक |
| काव्य |
स्वरकिंचित |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
प्रेमरस |
चन्द्रशेखर गोखले |
| काव्य |
मन मौज कराया उडते.... |
मनमौजी |
| काव्य |
भक्ती........ |
निशदे |
| काव्य |
प्रारब्ध |
ajay wankhede |
| काव्य |
हवीच असते मी! |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
(खा घास हा) |
गणेशा |
| काव्य |
एकदा तरी |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
ढग भरल्या आभाळातून ...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
तू आठवत राहतेस...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
प्रीत दे ना मजला ... |
ajay wankhede |
| काव्य |
आला दिवस गेला दिवस ...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
तुम्ही पी एम बनणारच .. |
ajay wankhede |
| काव्य |
युगलगीत: ओठ गुलाबी काय नकळत बोलले |
पाषाणभेद |
| काव्य |
बाई माझी, ही तंगडी मोडली |
विदेश |
| काव्य |
घरात कोसळलेल्या... |
अभिजीत राजवाडे |
| काव्य |
अर्धसत्य |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
मलाही तुझ्या सारखंच वागायचंय !!! |
फिझा |
| काव्य |
विश्वासघात करतो माणूस ना मुळी तो ! |
विदेश |
| काव्य |
प्रेम कळत नाहि मला.... |
निश |
| काव्य |
कां वागतो माणूस असा? |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
ती ..... |
फिझा |
| काव्य |
सर आले दुरुनी |
विदेश |
| काव्य |
पांडूरंग माझा गरीब राहू द्या |
पाषाणभेद |
| काव्य |
आयुष्य म्हंजे |
निश |