| काव्य |
सुप्तनाते |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
रमतारामाची आरती |
नाना चेंगट |
| काव्य |
एक पत्रकथा: भाग दुसरा |
वेणू |
| काव्य |
काकस्पर्श |
रसप |
| काव्य |
(स्त्री मन) |
नाना चेंगट |
| काव्य |
स्त्री मन.. |
प्रभाकर पेठकर |
| काव्य |
निवडुंग |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
अंगणात बाप, दारात माय, |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
निवांत |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
कविता करताना... |
सुहास.. |
| काव्य |
सुप्रभात .. शुभ रजनी ... |
विदेश |
| काव्य |
तीन गझला |
JAGOMOHANPYARE |
| काव्य |
चिरजीवीत कहाणी |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
ए गोळी मार अनुवादकाला |
परिकथेतील राजकुमार |
| काव्य |
झ झ झ झ झोपडीत |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
मुख न लपवून जगा |
नरेंद्र गोळे |
| काव्य |
" तो एक पदर मायेचा ... " |
विदेश |
| काव्य |
आनंदास मुकतो मतलबी दुष्ट चेहर्यांच ऐकुन. |
निश |
| काव्य |
होत आहे विश्व माझे... |
चैतन्य दीक्षित |
| काव्य |
(एक चारोळी) |
कुंदन |
| काव्य |
दोन चारोळ्या - |
विदेश |
| काव्य |
आठवांची अंतरीची रांग आहे लांबडी |
JAGOMOHANPYARE |
| काव्य |
अंदोलने |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
चांदण्या रात्रीतले |
नरेंद्र गोळे |
| काव्य |
एक रस्ता असाही ... |
निश |
| काव्य |
का रे असा अबोल तू |
नरेंद्र गोळे |
| काव्य |
जुळले अजून आहे |
जयवी |
| काव्य |
पानी आनाया जावू कशी |
पाषाणभेद |
| काव्य |
एक उनाड दिवस... (अष्टाक्षरी) |
वेणू |
| काव्य |
( नको देव राया , राज्यसभा पाहू ) |
अमोल केळकर |