| काव्य |
" | पालखीच्या सोहळ्यात | " |
विदेश |
| काव्य |
आपण सारे अर्जुन... |
वेणू |
| काव्य |
"चिंता करतो मिपाची.." |
चिगो |
| काव्य |
निराकार |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
माझेच घर टाळून नभातून मेघ निघाले होते |
रसप |
| काव्य |
नवरा नाही काही कामाचा |
भरत कुलकर्णी |
| काव्य |
आमचा दुष्काळ |
भरत कुलकर्णी |
| काव्य |
दुष्काळ |
शैलेन्द्र |
| काव्य |
...पाऊसगाणे... |
विदेश |
| काव्य |
पागोळी |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
रत्नांच्या बघ राशी झाल्या.. |
प्राजु |
| काव्य |
नियती |
हरवलेल्या जहाज… |
| काव्य |
उत्सव |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
शार्दूलविक्रीडित |
राजघराणं |
| काव्य |
Blood Hymns - 1 |
हरवलेल्या जहाज… |
| काव्य |
काय चुकतंय ? |
वैशाली . |
| काव्य |
माझ्या निसर्गास.. |
वेणू |
| काव्य |
थोडी सुखी, थोडी कष्टी |
शरद |
| काव्य |
सतावणारा प्रश्न तुझा " मी जाऊ " |
रघु सावंत |
| काव्य |
दूर-आशा |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
जात जात जात |
रमताराम |
| काव्य |
लाच लाच लाच |
निश |
| काव्य |
ऐन वसंतात .... |
मनिषा_माऊ |
| काव्य |
पुढे माणसांचे यशू-बुद्ध होते |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
कातर वेळ |
अनिरुद्धशेटे |
| काव्य |
एका क्षणावरी या |
संजय क्षीरसागर |
| काव्य |
झालरी |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
कापला रेशमाच्या सुताने गळा |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
दुष्काळी शेतकऱ्याचे मनोगत ... |
अमितसांगली |
| काव्य |
निःशब्द तळ्याच्या काठी |
संजय क्षीरसागर |