| काव्य |
चक्रव्युह.... |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
गजानन |
सागरसाथी |
| काव्य |
अंतर ! |
फिझा |
| काव्य |
बाई मी फुकट घेतला आराम! |
बाजीगर |
| काव्य |
खेला होबे |
बाजीगर |
| काव्य |
आठवण.... |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
आठवण |
सागरसाथी |
| काव्य |
जाणिवांची बाराखडी |
चक्कर_बंडा |
| काव्य |
श्रावणही आला फिरूनी |
Bhakti |
| काव्य |
नकोस विसरू |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
पानात लपलेल्या फुलाला पाहून... |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
श्रावण |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
भरु आज पेला ( गटारी स्पेशल) |
किरण कुमार |
| काव्य |
तू..... |
चक्कर_बंडा |
| काव्य |
एकदा |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
आठवणींचा पाऊस |
पाषाणभेद |
| काव्य |
चारोळया: ताज्या घटनांवर |
विवेकपटाईत |
| काव्य |
संध्यासमय |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
(सन्तूर) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
सन्तूर |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
तो पाऊस निराळा असतो..! |
राघव |
| काव्य |
विठू माउली |
मालविका |
| काव्य |
अतृप्त ओळी |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
लढवय्या |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
(दळण नसलेल्या गिरणीवर) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
वळण नसलेल्या वाटेवर |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
राष्ट्रहीतासाठी. |
अमरेंद्र बाहुबली |
| काव्य |
बंडवीर |
बाजीगर |
| काव्य |
कान्हा |
पद्मश्री चित्रे |
| काव्य |
आज्जी गेलीय सोडून |
चांदणे संदीप |