| काव्य |
कोर्टाचे नरो वा कुंजरोवा (अर्थात डबल ढोलकी) |
बाजीगर |
| काव्य |
चाललोय.... |
चक्कर_बंडा |
| काव्य |
||इदं न मम|| |
प्राची अश्विनी |
| काव्य |
जेल भरती |
बाजीगर |
| काव्य |
आसवांचे थेंब येता तुझ्या गालावरी |
Deepak Pawar |
| काव्य |
जोकशाही |
बाजीगर |
| काव्य |
जोकशाही |
बाजीगर |
| काव्य |
ध्वनिचित्र |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
एकदाच काय ते बोलून टाकू |
मित्रहो |
| काव्य |
चांदणचुरा ! |
फिझा |
| काव्य |
(अगं, जे घडिलेचि नाही) |
प्रसाद गोडबोले |
| काव्य |
अगा जे घडिलेचि नाही |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
तू जाताना... |
Deepak Pawar |
| काव्य |
रापण..... |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
धूप के लिए शुक्रिया का गीत (मराठी रूपांतर) |
आलो आलो |
| काव्य |
'काव्यप्रेमी' कायप्पा घोळका विडंबन. |
निओ |
| काव्य |
पत्र |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
शहरी माणूस. |
Deepak Pawar |
| काव्य |
आयुष्याचा डीएने:मॉलिक्य़ूलर बॉयोलॉजीच्या भाषेत: |
Bhakti |
| काव्य |
(का या गळ्याच्या तळाशी...) |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
काळजाच्या या तळाशी राहशी तू. |
Deepak Pawar |
| काव्य |
बोले चिडीया (मिडीया ?) बोले कंगना..... |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
दुःखाच्या वाटेवर गाव तुझे लागले....सुरेश भट |
चौकस२१२ |
| काव्य |
शीर्षक सुचले नाही |
चांदणे संदीप |
| काव्य |
साद |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
कळतं रे पण.. |
प्राची अश्विनी |
| काव्य |
अव्यक्त |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
काहीतरी सलत असतं... |
Deepak Pawar |
| काव्य |
अशीच एक धुंद, सोनेरी सायंकाळ - (आणि अंतिम वगैरे सत्य) |
चित्रगुप्त |
| काव्य |
आणि बाकी शून्य... |
प्राची अश्विनी |