जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे......
मेरे मेहबूब कयामत होगी....
आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी...
मे री न ज रे तो गि ला क र ती है....
तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी....
पुढचे अक्षर "ग"....
आ चल के तुझे मैं लेके चलूँ, एक ऐसे गगन के तले
जहाँ ग़म भी ना हो, आँसू भी ना हो, बस प्यार ही प्यार पले
सूरज की पहली किरण से, आशा का सवेरा जागे
चंदा की किरण से धूलकर, घनघोर अंधेरा भागे
कभी धूंप खिले, कभी छाँव मिले, लंबी सी डगर ना खले
ल
ये रेशमी जुल्फें, ये शरबती आँखे
इन्हे देखकर जी रहे हैं सभी
जो ये आँखे शरम से झूक जाएगी
सारी बातें यही बस रुक जाएगी
चूप रहना ये अफ़साना, कोई इन को ना बतलाना
के इन्हे देखकर पी रहे हैं सभी
ना कजरे की धार, ना मोतियों के हार
ना कोई किया सिंगार, फिर भी कितनी सुंदर हो
मन में प्यार भरा, और तन में प्यार भरा
जीवन में प्यार भरा, तुम तो मेरे प्रियवर हो
सिंगार तेरा यौवन, यौवन ही तेरा गहना
तू ताज़गी फूलों की क्या सादगी का कहना
उड़े खुशबू जब चले तू, बोले तो बजे सितार
( र )
ना तुम बेवफा हो, ना हम बेवफा हैं
मगर क्या करे, अपनी राहे जुदा है
जहाँ ठंडी ठंडी हवा चल रही है
किसी की मोहब्बत वहा जल रही है
जमी आसमान हम से दोनों खफा है
हमने घर छोडा है रसमो को छोडा है
दूर कही जायेंगे नई दुनिया बसायेंगे
तेरे बीना जीना पडे दिन वो कभी भी ना आये
कोई भी आंधी हो तुफां कोई हमको जुदा ना कर पाये
य
गाता रहे मेरा दिल, तू ही मेरी मंज़िल
कहीं बीते ना ये रातें, कहीं बीते ना ये दिन
प्यार करनेवाले अरे प्यार ही करेंगे
जलनेवाले चाहे जल जल मरेंगे
मिलके जो धड़के हैं दो दिल, हरदम ये कहेंगे
कहीं बीते ना ये रातें ...
तसवीर तेरी दिल में, जिस दिन से उतारी है
फिरूँ तुझे संग लेके, नये नये रंग लेके
सपनों की महफ़िल में ...
रफ़ी: तसवीर तेरी दिल में, जिस दिन से उतारी है
फिरूँ तुझे संग लेके, नये नये रंग लेके
सपनों की महफ़िल में ...
मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चूने
सपने, सुरीले सपने
कुछ हँसते, कुछ गम के
तेरी आँखों के साये चुराए रसीली यादों ने
छोटी बाते, छोटी, छोटी बातों की हैं यादे बड़ी
भूले नहीं, बीती हुयी एक छोटी घड़ी
जनम जनम से आँखे बिछाई तेरे लिए इन राहों ने
गैरों पे करम, अपनों पे सितम
ऐ जान-ए-वफ़ा, ये ज़ुल्म ना कर
रहने दे अभी, थोड़ा सा भरम
ऐ जान-ए-वफ़ा, ये ज़ुल्म ना कर
हम चाहनेवाले हैं तेरे, यूँ हम को जलाना ठिक नही
महफ़िल में तमाशा बन जाये, इस दर्जा सताना ठिक नही
मर जायेंगे हम मिट जायेंगे हम, ऐ जान-ए-वफ़ा, ये ज़ुल्म ना कर
मेरी जिंदगी मै अजनबी का इंतजार है
मै क्या करू अजनबी से मुझे प्यार है
वो अजनबी जाना पेहचाना
सपनो मै उसका है आनाजाना
आ अजनबी तेरे लिए दिल ये मेरा बेकरार है
हा है कोई तो वजह
जो जीने का मझा यू आने लगा
येह हवाओंमे है क्या
थोडासा जो नशा यू छाने लगा
पुछो ना पुछो मुझे क्या
हुआ है तेरी राहोंमे आकर
पुछो ना पुछो मुझे क्या
मिलेगा तेरी बाहोंमे आकर
ये इश्क हाये बैठे बिठाये जन्नत दिखाये
ओ रामा...
मै जिदगीका साथ निभाता चला गया
यारों दोस्ती बड़ी ही हसीन हैं
रामा रामा हाय रामा रामा
इ नोय चौल्बे. दोन ओळी तरी
आता ममता कुलकर्णी ला कुर्तीचं
मैं कोई ऐसा गीत गाऊँ के आरजू
हाय रामा ये क्या हुआ क्यों
हम छोड़ चले है महफ़िल को
ना ना ना ना ओह ना जी ना ना
नी मै समझ गई
नि मैं समझ गयी नि मैं समझ गयी
इश्क़ हुआ, कैसे हुआ
आ चल के तुझे मैं लेके चलूँ,
लो आ गयी उनकी याद, वो नहीं
ये शाम मस्तानी मदहोश किये जाय
ये रेशमी जुल्फें, ये शरबती
ये जो मुहब्बत है ये उनका है
भ घेतो
रात और दिन दिया जले, मेरे मन
हम छोड चले है महफिल को
ना कजरे की धार, ना मोतियों के
ना तुम बेवफा हो, ना हम बेवफा
हमने घर छोडा है रसमो को छोडा
यशोमति मैय्या से पूछे नंदलाला
ये तो सच है की भगवान है
हम इंतज़ार करेंगे
ए ज़िंदगी गले लगा ले
गाता रहे मेरा दिल, तू ही मेरी
तसवीर तेरी दिल में, जिस दिन
मैंने तेरे लिए ही सात रंग के
नैनो मे बदरा छाए, बिजलीसी
एक था गुल और एक थी बुलबुल
थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है
है अगर दुश्मन जमाना गम नही गम
होठों से छू लो तुम
दो दिल मिल रहे है मगर छुपके
येसुदासचे अप्रतिम गाणे
तुतूत्तु तूत्तुतारा
तुम्हे अपना बनाने कि कसम खाई
है अपना दिल तो आवारा
गैरों पे करम, अपनों पे सितम
रहे ना रहे हम
मेरी जिंदगी मै अजनबी का
हाए रे हाए
हाय रे हाय.... हाय
नूर ए खुदा ~~~
ये लडका हाये अल्ला कैसा है
जब वी मेट
है ना बोलो बोलो
होटोंपे बस तेरा नाम है