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चला अंताक्षरी खेळूया....

लेखक माम्लेदारचा पन्खा यांनी रविवार, 13/09/2015 15:59 या दिवशी प्रकाशित केले.
जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे...... मेरे मेहबूब कयामत होगी.... आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी... मे री न ज रे तो गि ला क र ती है.... तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी.... पुढचे अक्षर "ग"....
काव्यरस
लेखनविषय:

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प्रतिक्रिया

यारों दोस्ती बड़ी ही हसीन हैं ये ना हो तो क्या फिर, बोलो ये ज़िन्दगी हैं कोई तो हो राज़दार बेगरज तेरा हो यार कोई तो हो राज़दार

मैं कोई ऐसा गीत गाऊँ के आरजू जगाऊँ, अगर तुम कहो तुम को बुलाऊँ, के पलके बिछाऊँ, कदम तुम जहा जहा रखो जमीं को आसमां बनाऊँ, सितारोँ से सजाऊँ, अगर तुम कहो

हाय रामा ये क्या हुआ क्यों ऐसे हमे सताने लगे तुम इतनी प्यारी हो सामने हम काबू मे कैसे रहे जाओ हमको तो आती शर्म है तेरी ऐसी अदा पे तो फिदा हम है ह

हम छोड़ चले है महफ़िल को याद आये कभी तो मत रोना इस दिल को तसल्ली दे देना घबराये कभी तो मत रोना चला नवीन भिडू येऊ द्या आता ! मी कटते.

ना ना ना ना ओह ना जी ना ना मेहन्दी मेहन्दी ना मुझको लगाना मुझे साजन के घर नहीं जाना ना ना ना ना ना जी ना ना

नी मै समझ गई नी मै समझ गई इस गल दी रमझ(?) मै समझ गई

In reply to by नीलमोहर

नि मैं समझ गयी नि मैं समझ गयी इस दरदी रमझ मैं समझ गयी ना समझी थी तो उलझ गयी अब उलझन तेरी सुलझ गयी नि तू समझ गयी

इश्क़ हुआ, कैसे हुआ अच्छा हुआ जैसे हुआ ना मैं जानूँ, ना तू जाने क्यूँ हो गये हम दीवाने अर्रे रे रे रे रे इश्क़ हुआ, कैसे हुआ अच्छा हुआ जैसे हुआ

आ चल के तुझे मैं लेके चलूँ, एक ऐसे गगन के तले जहाँ ग़म भी ना हो, आँसू भी ना हो, बस प्यार ही प्यार पले सूरज की पहली किरण से, आशा का सवेरा जागे चंदा की किरण से धूलकर, घनघोर अंधेरा भागे कभी धूंप खिले, कभी छाँव मिले, लंबी सी डगर ना खले ल

लो आ गयी उनकी याद, वो नहीं आये दिल उनको ढूँढता है, गम का सिंगार कर के आँखे भी थक गयी हैं, अब इंतज़ार कर के एक साँस रह गयी है, वो भी ना टूट जाये

ये रेशमी जुल्फें, ये शरबती आँखे इन्हे देखकर जी रहे हैं सभी जो ये आँखे शरम से झूक जाएगी सारी बातें यही बस रुक जाएगी चूप रहना ये अफ़साना, कोई इन को ना बतलाना के इन्हे देखकर पी रहे हैं सभी

भ घेतो भीगी भीगी रातोंमे मीठे मीठी बातोंमे ऐसी मुलाकातों में कैसा लगता है

ना कजरे की धार, ना मोतियों के हार ना कोई किया सिंगार, फिर भी कितनी सुंदर हो मन में प्यार भरा, और तन में प्यार भरा जीवन में प्यार भरा, तुम तो मेरे प्रियवर हो सिंगार तेरा यौवन, यौवन ही तेरा गहना तू ताज़गी फूलों की क्या सादगी का कहना उड़े खुशबू जब चले तू, बोले तो बजे सितार ( र )

ना तुम बेवफा हो, ना हम बेवफा हैं मगर क्या करे, अपनी राहे जुदा है जहाँ ठंडी ठंडी हवा चल रही है किसी की मोहब्बत वहा जल रही है जमी आसमान हम से दोनों खफा है

हमने घर छोडा है रसमो को छोडा है दूर कही जायेंगे नई दुनिया बसायेंगे तेरे बीना जीना पडे दिन वो कभी भी ना आये कोई भी आंधी हो तुफां कोई हमको जुदा ना कर पाये य

ये तो सच है की भगवान है है मगर फिर भी अन्जान है धरती पे रूप माँ-बाप का उस विधाता की पहचान है

हम इंतज़ार करेंगे हम इंतज़ार करेंगे तेरा कयामत तक खुदा करे की कयामत हो और तू आए

ए ज़िंदगी गले लगा ले हम ने भी तेरे हर इक गम को गले से लगाया है है ना ए ज़िंदगी गले लगा ले ए ज़िंदगी

गाता रहे मेरा दिल, तू ही मेरी मंज़िल कहीं बीते ना ये रातें, कहीं बीते ना ये दिन प्यार करनेवाले अरे प्यार ही करेंगे जलनेवाले चाहे जल जल मरेंगे मिलके जो धड़के हैं दो दिल, हरदम ये कहेंगे कहीं बीते ना ये रातें ...

तसवीर तेरी दिल में, जिस दिन से उतारी है फिरूँ तुझे संग लेके, नये नये रंग लेके सपनों की महफ़िल में ... रफ़ी: तसवीर तेरी दिल में, जिस दिन से उतारी है फिरूँ तुझे संग लेके, नये नये रंग लेके सपनों की महफ़िल में ...

मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चूने सपने, सुरीले सपने कुछ हँसते, कुछ गम के तेरी आँखों के साये चुराए रसीली यादों ने छोटी बाते, छोटी, छोटी बातों की हैं यादे बड़ी भूले नहीं, बीती हुयी एक छोटी घड़ी जनम जनम से आँखे बिछाई तेरे लिए इन राहों ने

होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो बन जाओ मीत मेरे मेरी प्रीत अमर कर दो

कोई गाता मै सो जाता कोई गाता मै सो जाता.. संस्कृती के विस्तृत सागर मै सपनों की नौका के अंदर सुखदुख की लहरों मे उठ गिर बहता जाता मै सो जाता

तुतूत्तु तूत्तुतारा तोडोना दिल हमारा जाने तमन्ना वादा हय वादा अब ना कहेंगे हम तुमको राधा करदो हमे माफ तुम्म...

गैरों पे करम, अपनों पे सितम ऐ जान-ए-वफ़ा, ये ज़ुल्म ना कर रहने दे अभी, थोड़ा सा भरम ऐ जान-ए-वफ़ा, ये ज़ुल्म ना कर हम चाहनेवाले हैं तेरे, यूँ हम को जलाना ठिक नही महफ़िल में तमाशा बन जाये, इस दर्जा सताना ठिक नही मर जायेंगे हम मिट जायेंगे हम, ऐ जान-ए-वफ़ा, ये ज़ुल्म ना कर

रहे ना रहे हम महका करेंगे बनके कली, बनके सबा बागे वफा में

मेरी जिंदगी मै अजनबी का इंतजार है मै क्या करू अजनबी से मुझे प्यार है वो अजनबी जाना पेहचाना सपनो मै उसका है आनाजाना आ अजनबी तेरे लिए दिल ये मेरा बेकरार है

हाए रे हाए नींद नहीं आए चैन नहीं आए दिल में तू समाए आया प्यार भरा मौसम दीवाना, दीवाना

In reply to by Gayatri Muley

हाय रे हाय.... हाय निंद नही आय ... हाय असं भावनाप्रधान भावगीत आहे हो ते. तुम्ही एकदम मार्च पास करुन टाकलात कि

नूर अ खुदा अजनबि मोड है खौफ अगर और है हर नझर पे धुआ छा गया पल भर मे जाने क्या खो गया

ये लडका हाये अल्ला कैसा है दिवाना कितना मुश्कील है तौबा इसको समझाना के धिरे धिरे दिल बेकरार होता है होते होते होते प्यार होता है...

हा है कोई तो वजह जो जीने का मझा यू आने लगा येह हवाओंमे है क्या थोडासा जो नशा यू छाने लगा पुछो ना पुछो मुझे क्या हुआ है तेरी राहोंमे आकर पुछो ना पुछो मुझे क्या मिलेगा तेरी बाहोंमे आकर ये इश्क हाये बैठे बिठाये जन्नत दिखाये ओ रामा...

है ना बोलो बोलो है ना बोलो बोलो मम्मी को पापा से पापा को मम्मी से प्यार है प्यार है

होटोंपे बस तेरा नाम है तुझे चाहना मेरा काम है तेरे प्यार मे पागल हुं मै सुबह शाम... जानम आय लव यु यु लव मी.

मामय्या केरो केरो केरो मामा दुनिया माने बुरा तो गोली मारो डर के जीना है कोई जीना यारो गोली मारो यारो पे सदा जान करो फिदा दुश्मन को ये बता दो दुष्मनी है क्या

कैसे बताउ मै तुम्हे मेरे लिये तुम कौन हो कैसे कैसे बताउ मै तुम्हे तुम धडकन क गीत हो जीवन क तुम संगीत हो तुम जिंदगी तुम बंदगी

गली गली मे फिरता है तू क्यू बनके बंजारा आ मेरे दिल मे बस जा मेरे आशिक आवारा तेरा प्यार तो एक सोने का पिंजरा हो शहेज़ादी मुझको अपने जान से प्यारी है अपनी आज़ादी

गाणी रिपीट होतायत. जवळ जवळ १५० तरी रिपीट झालीत .संमं, रिपीट गाणी उडवता येतात का बघा आणि धागा लहान करा...एक चांगलं कलेक्शन तयार होइल...

In reply to by भिंगरी

सुरुवात वेगळी आहे. काली काली आंखोमें गोर गोरे गालोंमे लंबे लंबे बालोंमे गोरी किसका नाम है वगैरे चोरस आहे.

कोणत्याहि अक्शरावरील ओ पी चं गाणंदेवीू शकतो. हे घ्या र वरील. रात भरका है महिमा अंधेरा किसके रोके रुका है सवेरा पुन्हा र च !

लाखोंहे है मिगाहों में जिंदगीक् राहोंमें सनम हंसिन जवॉं होंठोंपो गुलाब है आँखओंमों शराब है लेकिन वो बत कहाँ ह

गाता रहे मेरा दिल.... लाल लाल होटोपे गोरी किसका नाम है? हायहुक हायहुक हायहाय.. याराओ यारा मिलना हमारा जाने क्या रंग लायेगा? गाता रहे मेरा दिल....

यारो दोस्ती बडी ही हसीन है ये ना हो तो क्या फीर बोलो ये जिंदगी है.

है दुनिया उसिकी जमाना उसिका मोहोब्बतमें हो हो गया हो गया हो किसिका

कितना प्यारा तुझे रब ने बनाया दिल करे देखता रहूं ओ कितना सोना तुझे रब ने बनाया दिल करे देखता रहूं तू है पागल तू है जोकर तू है दिलबर जानी सबसे प्यारा मेरा यारा राजा हिन्दुस्तानी

नूरी नूरी आ जा रे आ जा ओ मेरे दिलबर आ जा दिल की प्यास बुझा जा रे आ जा रे

रामजी की निकली सवारी, रामजी की लीला है न्यारी न्यारी एक तरफ लक्षमण एक तरफ सीता, बीच मे जगत के पालनहारी रामजी की निकली सवारी, रामजी की लीला है न्यारी न्यारी