मराठी साहित्य, संस्कृती आणि लेखनाचे व्यासपीठ

चला अंताक्षरी खेळूया....

माम्लेदारचा पन्खा · · जे न देखे रवी...
लेखनविषय:
काव्यरस
जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे...... मेरे मेहबूब कयामत होगी.... आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी... मे री न ज रे तो गि ला क र ती है.... तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी.... पुढचे अक्षर "ग"....

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In reply to by प्यारे१

अभ्या.. 14/09/2015 - 22:34
बरं झालं. आता प्यार्‍या दोन अशी गाणी हुडक ज्याचे पैले अन आखरीचे अक्षर एकदोघात शेम असेल. आपन तीच तीच रिपीट टाकत बसू. तिज्यायला फुकट जागरण. श्रम्परिहार कोन करनार.

चांदणे संदीप 14/09/2015 - 22:35
ईश्क मे हम तुम्हे क्या बताये किस कदर चोट खाये हुए है मौत ने हमको मारा है और हम जिंदगी के सताए हुए है

चांदणे संदीप 14/09/2015 - 22:36
ईश्क मे हम तुम्हे क्या बताये किस कदर चोट खाये हुए है मौत ने हमको मारा है और हम जिंदगी के सताए हुए है सोनू निकम

In reply to by चांदणे संदीप

प्यारे१ 14/09/2015 - 22:41
वाह वाह, काय गाणं होतं ते.... याच्या बरोबर 'अच्छा सिला दिया' पण आठवलं. एक च नंबर. चांदणे सन्दीप यांना एक शेंगदाण्याची पुडी विथ चिल्ल्ड बीर.

In reply to by प्यारे१

अभ्या.. 14/09/2015 - 22:45
बक्षीसाचे पुस्तक तर मिळाले असेलच. मग काय गालिबच. पुस्तक बीअर आन शेंगादाणे. अह्हाहाहा. एनीवे. क्यारे टेलर बोर्ड लगाया टिपटापका, नाप मेरा लिया शर्ट सिया बापका. हे खरे गाणे.

एक एकटा एकटाच 14/09/2015 - 23:02
है अगर दुश्मन दुश्मन जमाना गम नहीं गम नही कोई आए कोई आए हम किसीसे कम नही कम नही

चांदणे संदीप 14/09/2015 - 23:13
हमको तो यारा तेरी यारी जान से प्यारी तू चाहे तोड दे तुझको दिवाना कैसे छोड दे... कैसे छोड दे?!

चांदणे संदीप 14/09/2015 - 23:15
हमको तो यारा तेरी यारी जान से प्यारी तू चाहे तोड दे तुझको दिवाना कैसे छोड दे... कैसे छोड दे?!

चांदणे संदीप 14/09/2015 - 23:41
रात के हमसफर थकके घर को चले झूमती आ रही है सुबह प्यार की देखकर सामने रूप की रौशनी फिर लुटी जा रही है सुबह प्यार की

चांदणे संदीप 15/09/2015 - 00:05
सारा प्यार तुम्हारा मैने बांध लिया है आंचलमे तेरे नये रूप की नयी अदा हम देखा करेंगे पलपलमे! आवडतं गाणं!

चांदणे संदीप 15/09/2015 - 08:28
किसका रस्ता देखे ऐ दिल ऐ सौदाई मिलो है खामोशी बरसो है तनहाई भूली दुनिया तुझेभी मुझेभी फिर किसकी याद आई

In reply to by नीलमोहर

तेरे दर पर सनम चले आये तू ना आया तो हम चले आये बीन तेरे कोई आस भी ना रही इतने तरसे के प्यास भी ना रही लडखडाये कदम, चले आये य

In reply to by मारवा

नीलमोहर 15/09/2015 - 12:04
इससे पहले के हमपे हंसती रात बनके नागिन जो हमको डसती रात लेके अपना भरम चले आए तू ना आया तो हम चले आए..

In reply to by नीलमोहर

द-बाहुबली 15/09/2015 - 12:07
दिल को धड़का लगा था, पल पल का शोर सुन ले ना कोई पायल का फिर भी तेरी कसम, चले आये... तू ना आया तो हम चले आए..

भिंगरी 15/09/2015 - 11:44
ऐ दिल मुझे बतादे तू किसपे आ गया है? वो कौन है मुसाफीर जो तुझपे छा गया है?

भिंगरी 15/09/2015 - 11:55
तु रे तु तु तु रे तु तु (६) दो मस्ताने दो दिवाने एक मै और एक तु तु रे तु तु

द-बाहुबली 15/09/2015 - 12:40
ही ये हो नही सकता के तेरी याद ना आये. बिना तेरे कही ये दिल मेरा अब चैन ना पाये.. तुझे भुलने से पेहेले मेरी जान चली जाए...

द-बाहुबली 15/09/2015 - 12:48
नखरेवाली... नखरेवाली... नखरेवाली- देखने में देख लो हैं कैसी भोली भाली अजनबी ये छोरियां, दिल पे डाले डोरियाँ मन की काली

In reply to by नीलमोहर

गॅरी ट्रुमन 15/09/2015 - 13:18
या गाण्याची सुरवात "तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ किसी जबां में भी वो लब्ज़ ही नहीं के जिन में तुम हो क्या तुम्हें बता सकू" अशी आहे. त्यामुळे म पासून सुरू होत नाही :(

भिंगरी 15/09/2015 - 13:12
है ना बोलो बोलो है ना बोलो बोलो पापा को मम्मीसे मम्मी को पापा से प्यार है है ना बोलो बोलो

पद्मावति 15/09/2015 - 13:36
याद आ रही है, तेरी याद आ रही है याद आने से, तेरे जाने से, जान जा रही है पहले ये ना जाना, तेरे बाद ये जाना प्यार में जीना मुश्किल कर देगा, ये दिल दीवाना प्यार में जाने कैसे, सांस ये ऐसे, आ जा रही है

द-बाहुबली 15/09/2015 - 13:58
कोयलसी तेरी बोली कुक कु कु कु, कुक कु, कुक कु कु कु सुरत है कितनी भोली कुक कु कु कु, कुक कु, कुक कु कु कु नैन तेरे कजराले होट तेरे अंगारे तुझे देखके दिल मेरा खोने लगा........

पद्मावति 15/09/2015 - 13:59
गुलमोहर गर तुम्हारा नाम होता मौसम-ए-गुल को हसाना भी हमारा काम होता आयेंगी बहारें तो अब के उन्हे कहना ज़रा इतना सुने हो, मेरे गुल बीना उन का कहा बहार नाम होता

भिंगरी 15/09/2015 - 13:59
खोया खोया चाँद खुला आसमा आंखोमे सारी रात जायेगी तुमको फिर कैसे निंद आयेगी' ओ ओ ओ खोया खोया चांद

द-बाहुबली 15/09/2015 - 14:03
तोफा तोफा तोफा तोफा लाह्या लाह्या लाह्य लाह्या प्यार का तौफा तेरा बनाहै जिवन मेरा जिनेको और क्या चाहिये ?

पद्मावति 15/09/2015 - 14:08
यूँ तो हम ने लाख हसीं देखे हैं, तुम सा नहीं देखा उफ़ ये नज़र, उफ़ ये अदा कौन ना अब होगा फिदा जुल्फें हैं या बदलियाँ, आँखे हैं या बिजलियाँ जाने किस किस की आयेगी कज़ा

द-बाहुबली 15/09/2015 - 14:23
खंबे जैसी खडी है लडकी है या छडी है शोला है फुलझडी है पट्टाखेकी लडी है आखोंमे गुस्सा है, होटोपें लाली है... देखो यारो देखो यारो खुदको समजती है क्या

भिंगरी 15/09/2015 - 14:36
ना कोई उमंग है ना कोई तरंग है मेरी जिंदगी है क्या एक कटी पतंग है

Gayatri Muley 15/09/2015 - 14:53
ए दिल लाया है बहार अपनों का प्यार क्या कहना मिलें हम च्चालक उठा खुशी का खुमार क्या कहना खिले खिले चेहरों से आज घर है मेरा गुले गुलज़ार क्या कहना खिले खिले चेहरों से आज घर है मेरा गुले गुलज़ार क्या कहना

रोहन अजय संसारे 15/09/2015 - 14:58
रुक रुक रुक रुक रुक रुक रुक रुक जाना जरा रुक जाना रुक जाना ओ जाना हम्से दो बाते कर्ति च्ले जाना कि मौसम है दिवाना

द-बाहुबली 15/09/2015 - 15:00
ना कजरेकी धार ना मोतीयोंके हार ना कोइ किया सिंगार फिर भी कितनी सुंदर हो तुम कितीनी सुंदर हो... मन मे प्यार भरा और तन मे प्यार भरा जिवनमे प्यार भरा तुम्ही तो मेरे प्रियवन हो...

चांदणे संदीप 15/09/2015 - 15:04
ना तू जमी के लिए है, ना आसमा के लिए तेरा वजूद तो है सिर्फ दासता के लिए छान चित्रपट, उत्तम गाणे, अप्रतिम अभिनय!

In reply to by चांदणे संदीप

चांदणे संदीप 15/09/2015 - 16:01
आर्र….स्वारी बरंका! हे गाणं पहिल्याच पानावर मारवा यांनी दिलेलं आहे.

गॅरी ट्रुमन 15/09/2015 - 15:07
ए मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन तुझ पे दिल कुर्बान तू ही मेरी आरजू, तू ही मेरी आबरू, तू ही मेरी जान तेरे दामन से जो आये, उन हवाओं को सलाम चूम लू मैं उस जुबान को जिस पे आये तेरा नाम सब से प्यारी सुबह तेरी, सब से रंगी तेरी शाम (म)

प्यारे१ 15/09/2015 - 16:10
मुझे कुछ कहना है मुझे भी कुछ कहना है पहले तुम पहले तुम पहले तुम पहले तुम (यानंतर गाणं काय आहे?)

रातराणी 16/09/2015 - 12:24
यारों दोस्ती बड़ी ही हसीन हैं ये ना हो तो क्या फिर, बोलो ये ज़िन्दगी हैं कोई तो हो राज़दार बेगरज तेरा हो यार कोई तो हो राज़दार

रातराणी 16/09/2015 - 12:51
मैं कोई ऐसा गीत गाऊँ के आरजू जगाऊँ, अगर तुम कहो तुम को बुलाऊँ, के पलके बिछाऊँ, कदम तुम जहा जहा रखो जमीं को आसमां बनाऊँ, सितारोँ से सजाऊँ, अगर तुम कहो

प्यारे१ 16/09/2015 - 12:55
हाय रामा ये क्या हुआ क्यों ऐसे हमे सताने लगे तुम इतनी प्यारी हो सामने हम काबू मे कैसे रहे जाओ हमको तो आती शर्म है तेरी ऐसी अदा पे तो फिदा हम है ह

रातराणी 16/09/2015 - 13:00
हम छोड़ चले है महफ़िल को याद आये कभी तो मत रोना इस दिल को तसल्ली दे देना घबराये कभी तो मत रोना चला नवीन भिडू येऊ द्या आता ! मी कटते.

Gayatri Muley 16/09/2015 - 13:03
ना ना ना ना ओह ना जी ना ना मेहन्दी मेहन्दी ना मुझको लगाना मुझे साजन के घर नहीं जाना ना ना ना ना ना जी ना ना

नीलमोहर 16/09/2015 - 13:11
नी मै समझ गई नी मै समझ गई इस गल दी रमझ(?) मै समझ गई