| जे न देखे रवी... |
II बुद्ध वंदना II |
चन्द्रशेखर गोखले |
| जे न देखे रवी... |
बैठकीची लावणी: करीते मी विडा |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
दु:ख |
चन्द्रशेखर गोखले |
| जे न देखे रवी... |
हलकेच हातांनी घास भरव तू गे मजला माता |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
आडवाटंनं जाता जाता |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
(केवढे चावणे हे गजल दरगजल) |
चतुरंग |
| जे न देखे रवी... |
लावणी : उसाचा रस तुमी पाजा |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
नाडी घ्या नाडी |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
नका अंगचटीला येवू |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
संचित |
shaileh vasude… |
| जे न देखे रवी... |
आस ! जन्मो जन्मीची ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| जे न देखे रवी... |
रस्ता ओलांडता - २ |
sur_nair |
| जे न देखे रवी... |
हा हा हा हा |
kanhegaonkar |
| जे न देखे रवी... |
मंडली, म्या एक दादांसारकी कविता ल्यिहल्येली हाय. वाचा तर मंग आता. |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
अहो पाहुणे हळुहळू होवू द्या, घाई करू नका, असं लाजू नका |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
चालू करा तुमचे इंजन |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
चल उसात दंगा करू |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
चला जोडीनं तण हे काढू, चला ठिबकसिंचन करू |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
काठावरती तुम्ही उभे (बैठकीची लावणी) |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
दगडफोड्याचं गाणं (मेहनतीची लावणी: घावावर घाव घाला) |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
..(चुकले माझे).. |
कानडाऊ योगेशु |
| जे न देखे रवी... |
जखम |
चन्द्रशेखर गोखले |
| जे न देखे रवी... |
.. जगण्यात काय आहे? |
राघव |
| जे न देखे रवी... |
दागे उल्फत का जलाना |
सागरलहरी |
| जे न देखे रवी... |
नाचरी गाय - २ (आधारित) |
चित्रा |
| जे न देखे रवी... |
आमच्या सम आम्हीच ! ! ! |
निरन्जन वहालेकर |
| जे न देखे रवी... |
पाठलाग |
निरन्जन वहालेकर |
| जे न देखे रवी... |
रातराणी |
निरन्जन वहालेकर |
| जे न देखे रवी... |
परम सन्तोश |
निरन्जन वहालेकर |
| जे न देखे रवी... |
'आई'[एस.एम.एस.] |
डावखुरा |