| काव्य |
विडंबन |
चतुरंग |
| काव्य |
माझ्या छोट्या मैत्रिणीस ... |
फटू |
| काव्य |
(गणित)-१ |
केशवसुमार |
| काव्य |
(गझल) |
बेसनलाडू |
| काव्य |
जेथे बघेन तेथे... (विडंबन) |
बेसनलाडू |
| काव्य |
सुरापुराण - प्रथम अध्याय.. |
अनिकेत |
| काव्य |
(दृष्टी भ्रम) |
केशवसुमार |
| काव्य |
माझेही.... |
प्राजु |
| काव्य |
(अताशा कसे हे मला काव्य होते?) |
चतुरंग |
| काव्य |
(नसतेस घरी तू जेव्हा ) |
केशवसुमार |
| काव्य |
मन चांदण्याचे तळे |
सुवर्णमयी |
| काव्य |
(मनसुबे) |
केशवसुमार |
| काव्य |
बसा दोस्तहो या दारूवर* बोलू काही ! |
अविनाश ओगले |
| काव्य |
आमची कविता |
धनंजय |
| काव्य |
माझी कविता. |
अविनाश ओगले |
| काव्य |
मला आवडलेल्या काही अलिकडील कविता |
मुक्तसुनीत |
| काव्य |
कांगारु |
चतुरंग |
| काव्य |
स्वर्ग |
सृष्टीलावण्या |
| काव्य |
अजुन काय हवे ... |
विवेकवि |
| काव्य |
आठवण....... |
विवेकवि |
| काव्य |
तुझ्याशिवाय.............. |
विवेकवि |
| काव्य |
कितीही येऊ दे वादळं वाटेत माझ्या ... |
फटू |
| काव्य |
मला आलेले एक स्वारस्यपूर्ण अग्रप्रेषित (Forward) |
शरुबाबा |
| काव्य |
(ताळमेळ) |
केशवसुमार |
| काव्य |
बॉस आज सुट्टीवरी, त्यात क्रीकेट कॉमेंट्री |
प्रा सुरेश खेडकर |
| काव्य |
"स्वयेश्री प्रोफेसर पाहती" स्वरचित विडंबन गीत |
प्रा सुरेश खेडकर |
| काव्य |
राजा भोज याने कालिदासाला दिलेली समस्या |
चतुरंग |
| काव्य |
"मेड इन चायना'पाठीमागचे रहस्य यात आहे! |
मीनल |
| काव्य |
चूक१ |
केशवसुमार |
| काव्य |
माझे अभंग माझी गाथा |
केशवसुमार |