| काव्य |
ओळखलं तिने मला जागच्या जागी ती स्तब्द झाली |
सनिल पांगे |
| काव्य |
पुन्हा गंध आला...(गझल) |
बहुरंगी |
| काव्य |
अतिशय फालतु विनोद |
बहुरंगी |
| काव्य |
पुण्याचे ट्रॅफिक...नाम॑जूर |
धमाल मुलगा |
| काव्य |
सुंदर तलम रेशीम.. (धागा -३) |
प्राजु |
| काव्य |
रिस्क - तळीराम |
चतुरंग |
| काव्य |
वीणीचा नवा धागा.... |
प्राजु |
| काव्य |
आयुष्य तेच आहे |
सनिल पांगे |
| काव्य |
नवी रेशमी वीण.. |
प्राजु |
| काव्य |
शब्द! |
ऋषिकेश |
| काव्य |
मधुशाला |
धोंडोपंत |
| काव्य |
निवारा... |
प्राजु |
| काव्य |
शिक्षक दिन |
इनोबा म्हणे |
| काव्य |
उड्डाण पूल |
इनोबा म्हणे |
| काव्य |
(कातरवेळी) |
केशवसुमार |
| काव्य |
तूच नव्याने घडशील काय |
ऋषिकेश |
| काव्य |
काय सांगू नवलाई |
इनोबा म्हणे |
| काव्य |
मन... |
शब्दवेडा |
| काव्य |
(नाठाळ मुलांसाठी) बालकविता |
धनंजय |
| काव्य |
तुझ्या डोळ्यांचा थांग घेताना - कविता |
सागर |
| काव्य |
पाखरु : भाग १ (कविता) |
सागर |
| काव्य |
एक दिवा |
मनोज |
| काव्य |
मला कसा हा म्हणतो मेला.... |
केशवसुमार |
| काव्य |
हात तुझा हातात...... |
अगस्ती |
| काव्य |
आपण यांना पाहिलंय का? |
ऋषिकेश |
| काव्य |
समुद्रपक्षी |
स्वाती दिनेश |
| काव्य |
चारोळी |
सुशील |
| काव्य |
विसरून जायचे तुला |
मनोज |
| काव्य |
एक दिवस... |
दिनेश५७ |
| काव्य |
----- वारं -------- |
मनोज |