| काव्य |
(भूक ही खरी किती) |
चतुरंग |
| काव्य |
(कुजबुज) |
केशवसुमार |
| काव्य |
घोडा आणि ओझे |
विसुनाना |
| काव्य |
.....बळ दे ! |
उदय सप्रे |
| काव्य |
(वाटले बरे किती) |
केशवसुमार |
| काव्य |
एक अशीही केस... |
अजय जोशी |
| काव्य |
हे क्रांतिकारकांनो! |
अजय जोशी |
| काव्य |
दंव |
उदय सप्रे |
| काव्य |
गजरा..... |
उदय सप्रे |
| काव्य |
हात द्या, मात द्या ... |
अजय जोशी |
| काव्य |
उरून राहता येतं ! |
उदय सप्रे |
| काव्य |
प्लॅन्चेट |
उदय सप्रे |
| काव्य |
मौनखेळ |
पल्लवी |
| काव्य |
गमतीदार ऊखाणे. |
विवेकवि |
| काव्य |
कोंढाणा |
उदय सप्रे |
| काव्य |
स्वप्नातलं गाव ... ! |
संदीप चित्रे |
| काव्य |
स्वप्नातलं गाव ... ! |
संदीप चित्रे |
| काव्य |
(समजून) |
चतुरंग |
| काव्य |
ये मेरी दुनिया नहीं ! |
उदय सप्रे |
| काव्य |
आभास |
सुवर्णमयी |
| काव्य |
आठवण सुद्धा... |
मी अश्विनी |
| काव्य |
एक ऐकशील? |
मी अश्विनी |
| काव्य |
नको मारू खडा रे सख्या |
फटू |
| काव्य |
काही आठवत नाही |
शितल |
| काव्य |
('रेशमीया' मेल्यानी) |
चतुरंग |
| काव्य |
मद्य काव्य... मदिरेचे हाणतो पेले, धुंद तळीराम |
तळीराम |
| काव्य |
चेहरा |
सुवर्णमयी |
| काव्य |
गे मला गे चंडिके... |
केशवसुमार |
| काव्य |
(...लवकर ये!) |
चतुरंग |
| काव्य |
(इतिहास) |
केशवसुमार |