| काव्य |
आली पन्नाशी! |
बहुगुणी |
| काव्य |
<यज्ञधुनी> |
पिवळा डांबिस |
| काव्य |
चार चारोळ्या |
स्वप्नयोगी |
| काव्य |
आज अचानक सर्व्हर गंडे |
लिखाळ |
| काव्य |
वाट चुकलेलें कोंकरूं |
अरुण वडुलेकर |
| काव्य |
अवगुंठन |
जयवी |
| काव्य |
लाज |
ऋषिकेश |
| काव्य |
स्वातंत्र्यवीर |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
थांबुनी येथे जराशी |
घाशीराम कोतवाल १.२ |
| काव्य |
पण म्हणुन काय झालं.....? |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
धूतवस्त्रांकिता |
शरदिनी |
| काव्य |
आजी ! |
अ-मोल |
| काव्य |
सुख |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
रात्र |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
((चंपी)) |
विजुभाऊ |
| काव्य |
मनासारखे |
क्रान्ति |
| काव्य |
चंपी |
शरदिनी |
| काव्य |
(चंपी) |
चतुरंग |
| काव्य |
मोक्ष |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
लडखडगीत |
चतुरंग |
| काव्य |
गडबडगीत |
ॐकार |
| काव्य |
जखम |
स्वप्नयोगी |
| काव्य |
मौन तुझे |
क्रान्ति |
| काव्य |
(काळजी) |
चतुरंग |
| काव्य |
प्रतिसाद पाहुनी मी झालो पसार नाही |
केशवसुमार |
| काव्य |
अर्थ |
स्वप्नयोगी |
| काव्य |
लिलाव.....! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
तुझी माझी प्रित |
जागु |
| काव्य |
जमा खर्च |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
(Bore-kuting हा माझा छंद आहे) |
मराठमोळा |