जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे......
मेरे मेहबूब कयामत होगी....
आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी...
मे री न ज रे तो गि ला क र ती है....
तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी....
पुढचे अक्षर "ग"....
या गाण्याची सुरवात
"तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
किसी जबां में भी वो लब्ज़ ही नहीं
के जिन में तुम हो क्या तुम्हें बता सकू"
अशी आहे. त्यामुळे म पासून सुरू होत नाही :(
याद आ रही है, तेरी याद आ रही है
याद आने से, तेरे जाने से, जान जा रही है
पहले ये ना जाना, तेरे बाद ये जाना प्यार में
जीना मुश्किल कर देगा, ये दिल दीवाना प्यार में
जाने कैसे, सांस ये ऐसे, आ जा रही है
गुलमोहर गर तुम्हारा नाम होता
मौसम-ए-गुल को हसाना भी हमारा काम होता
आयेंगी बहारें तो अब के उन्हे कहना ज़रा इतना सुने
हो, मेरे गुल बीना उन का कहा बहार नाम होता
यूँ तो हम ने लाख हसीं देखे हैं, तुम सा नहीं देखा
उफ़ ये नज़र, उफ़ ये अदा
कौन ना अब होगा फिदा
जुल्फें हैं या बदलियाँ, आँखे हैं या बिजलियाँ
जाने किस किस की आयेगी कज़ा
ए दिल लाया है बहार अपनों का प्यार क्या कहना
मिलें हम च्चालक उठा खुशी का खुमार क्या कहना
खिले खिले चेहरों से आज घर है मेरा गुले गुलज़ार क्या कहना
खिले खिले चेहरों से आज घर है मेरा गुले गुलज़ार क्या कहना
ना कजरेकी धार ना मोतीयोंके हार
ना कोइ किया सिंगार फिर भी कितनी सुंदर हो
तुम कितीनी सुंदर हो...
मन मे प्यार भरा और तन मे प्यार भरा
जिवनमे प्यार भरा तुम्ही तो मेरे प्रियवन हो...
ए मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन तुझ पे दिल कुर्बान
तू ही मेरी आरजू, तू ही मेरी आबरू, तू ही मेरी जान
तेरे दामन से जो आये, उन हवाओं को सलाम
चूम लू मैं उस जुबान को जिस पे आये तेरा नाम
सब से प्यारी सुबह तेरी, सब से रंगी तेरी शाम
(म)
तुही रे तुहीरे
रैना बीती जाए
ऐ दिल मुझे बतादे
हाल ए दिल तुझको सुनाता
तु रे तु तु
तु तु तु तु तु तारा
रिमझिम के तराने लेके आयी
ताकते रहते तुझको सांझ सवेरे
रंगीला रेतेरे रंग मे यु रंगा
नीले नीले अंबर पर चाँद जब आए
झालंय हे....
रिपीट पण होतायत. जवळ जवळ १५०
ए काश के हम होश में अब आने न
नही ये हो नही सकता के तेरी
ए दिल है मुश्किल जीना यहा
नखरेवाली... नखरेवाली...
लो चली मैं अपने देवर की बारात
मैं अगर कहूं तुमसा हसीं
या गाण्याची सुरवात
है ना बोलो बोलो
लागी छूटे ना, अब तो सनम
लेकर हम दिवाना दिल
मैय्या मोरी मै नही माखन खायो
याद आ रही है, तेरी याद आ रही
है अगर दुश्मन दुश्मन ज़माना
हमने तुम को देखा तुमने हमको
साँझ ढले, गगन तले हम कितने
ख किंवा क घ्या
कोयलसी तेरी बोली कुक कु कु कु
गुलमोहर गर तुम्हारा नाम होता
खोया खोया चाँद
देखने मे भोला है दिल का सलोना
तोफा तोफा तोफा तोफा
यूँ तो हम ने लाख हसीं देखे
खंबे जैसी खडी है लडकी है या
यारा सिली सिली बिरहा की रात
ना कोई उमंग है
हर किसीको नही मिलता यहां
मै शायर बदनाम मै चला मै चला
लिख्खा हय ये इन हवां पे
एक रास्ता है जिंदगी जो थम गए
ए दिल लाया है बहार अपनों का
रुक रुक रुक रुक
ना कजरेकी धार ना मोतीयोंके
ना तू जमी के लिए
आर्र…
ए मेरे प्यारे वतन
मुझे कुछ कहना है
अक्सर एक लडका
मेरेे तेरे नाम नए हैं