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लेखक माम्लेदारचा पन्खा यांनी रविवार, 13/09/2015 15:59 या दिवशी प्रकाशित केले.
जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे...... मेरे मेहबूब कयामत होगी.... आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी... मे री न ज रे तो गि ला क र ती है.... तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी.... पुढचे अक्षर "ग"....
काव्यरस
लेखनविषय:

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प्रतिक्रिया

रात के हमसफ़र, थक के घर को चले झूमती आ रही, हैं सुबह प्यार की देख कर सामने रूप की रौशनी फिर लूटी जा रही, हैं सुबह प्यार की क

रात के हमसफ़र, थक के घर को चले झूमती आ रही, हैं सुबह प्यार की देख कर सामने रूप की रौशनी फिर लूटी जा रही, हैं सुबह प्यार की क

कहीं दूर जब दिन ढल जाए साँझ की दुल्हन बदन चुराए, चुपके से आए मेरे ख़यालों के आँगन में, कोई सपनों के दीप जलाए कभी यूँ ही जब हुई बोझल साँसे भर आई बैठे बैठे जब यूँ ही आँखे तभी मचल के, प्यार से चल के छूए कोई मुझे पर नज़र ना आए, नज़र ना आए (ए) :)

In reply to by गॅरी ट्रुमन

ए मेरे, हमसफर, इक जरा इंतजार...(बाकी आठवत नाय)....मंझिल प्यार की... क.

In reply to by बॅटमॅन

कौन है जो सपनों में आया कौन है जो दिल में समाया लो झुक गया आसमान भी इश्क मेरा रंग लाया ओ पिया..... य

In reply to by गॅरी ट्रुमन

यायिरे...यायिरे... जोर्लगाके नाच्चे रे... चल मेरे संगं संगं, लेले दुनिया के रंग, होजा रंगीला रे....रंगनरंगीला रे... र.

In reply to by बॅटमॅन

http://geetmanjusha.com/ या साईटीवर देवनागरीतूनही लिरिक्स मिळतात. मी सगळे लिरिक्स तिथूनच भराभर चोप्य-पस्ते करत आहे :)

In reply to by प्यारे१

राहों में उनसे मुलाकात हो गयी... जिसे डरते थे...वही बात हो गयी.... आहाहाहाहाहा....आहाहा हाहा...(मोजलेत बरं का) ह =))

In reply to by प्यारे१

रात का नशा अभी आँख से गया नहीं तेरा नशिला बदन, बाहों ने छोडा नहीं आँखें तो खोली मगर, सपना वो तोडा नहीं साँसों पे रखा हुआ तेरे होठों का सपना अभी हैं वही तेरे बिना भी कभी तुझ से मचल लेती हूँ करवटें बदलती हूँ तो सपना बदल लेती हूँ तेरा खयाल आए तो, बल खाँके पल जाता है पानी की चादर तले तन मेरा जल जाता है साँसों पे रखा हुआ तेरे होठों का सपना अभी है वही तेरे गले मिलने के मौसम बडे होते हैं जन्मों का वादा कोई, ये गम बडे छोटे हैं लंबी सी एक रात हो, लंबा सा एक दिन मिले बस इतना सा जीना हो मिलन की घडी जब मिले साँसों पे रखा हुआ तेरे होठों का सपना अभी है वही ह

In reply to by मारवा

हमें तुम से प्यार कितना, ये हम नहीं जानते मगर जी नहीं सकते, तुम्हारे बिना सुना गम जुदाई का उठाते हैं लोग जाने जिन्दगी कैसे बिताते हैं लोग दिन भी यहाँ तो लगे बरस के समान हमें इंतज़ार कितना ये हम नहीं जानते मगर जी नहीं सकते, तुम्हारे बिना न

ए क्या बोलती तू?हाँ तुम्हें तुम्हें तुम्हें हम चाहते हैं देखो ना तुम से दूर जा कर तुम्हारे पास आते हैं कौन मैं हाँ तुम बस तुम ओफ़्फ़ो फ घ्या

In reply to by ज्ञानोबाचे पैजार

हाँ तुम्हें तुम्हें तुम्हें हम चाहते हैं देखो ना तुम से दूर जा कर तुम्हारे पास आते हैं कौन मैं हाँ तुम बस तुम ओफ़्फ़ो फ घ्या

In reply to by ज्ञानोबाचे पैजार

फज़ा भी है जवाँ, जवाँ, हवा भी है रवाँ, रवाँ सुना रहा है ये समा, सुनी सुनी सी दास्ताँ पुकारते हैं दूर से, वो काफिले बहार के बिखर गये हैं रंग से, किसी के इंतजार के लहर लहर के होंठोंपर, वफ़ा की हैं कहानियाँ बुझी मगर बुझी नहीं, न जाने कैसी प्यास है करार दिल से आज भी, ना दूर है ना पास है ये खेल धूंप-छाँव का, ये करवटें, ये दूरियाँ हर एक पल को ढूंढता, हर एक पल चला गया हर एक पल फिराक का, हर एक पल विसाल का हर एक पल गुजर गया, बना के दिल पे एक निशाँ निकाह चित्रपटातील गाणे मला फारच आवडते. म्हणून लिरिक्स सगळे दिले आहेत आणि व्हिडिओ पण एम्बेड करत आहे. पुढील अक्षर--- श

In reply to by नीलमोहर

मै निकला ओ गड्डी लेके ओ रास्ते पर ओ सडक मे एक मोड आया मै उत्थे दिल छोड आया य

In reply to by नीलमोहर

मायेनिमायेमुंदेरुपेतेरी बोलरहाहैकागा.... जोगनहोगै तेरिदुलारी, मन जोगीसंगलागा.... ग.

In reply to by बॅटमॅन

गीत गाता हूँ मैं, गुनगुनाता हूँ मैं मैने हँसने का वादा किया था कभी इसलिए अब सदा मुस्कुराता हूँ मैं ये मोहब्बत के पल कितने अनमोल हैं कितने फूलों से नाज़ूक मेरे बोल हैं सब को फूलों की माला पहनाता हूँ मैं मुस्कुराता हूँ मैं ... म

In reply to by गॅरी ट्रुमन

मुक्काला मुक्काबला लैला...ओहो लैला.. अपना काफिला...जब प्यार से चला..लोगोंका दिल मिला..(इथले विसरलो) मोहब्बत का यही सिलसिला..ओएओ... ल घ्या.

In reply to by बॅटमॅन

लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में हज़ारो रंग के नज़ारे बन गये सवेरा जब हुआ, तो फूल बन गये जो रात आई तो सितारें बन गये कोई नग्मा कहीं गूंजा, कहा दिल ने ये तू आई कहीं चटकी कली कोई, मैं ये समझा तू शरमाई कोई खुशबू कहीं बिखरी, लगा ये जुल्फ लहराई परत एकदा ई :)

In reply to by प्यारे१

छूकर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा बदला ये मौसम लगे प्यारा जग सारा तू जो कहे जीवनभर तेरे लिए मैं गाऊँ गीत तेरे बोलों पे लिखता चला जाऊँ मेरे गीतों में तुझे ढूंढ़े जग सारा र

रुख़ से ज़रा नकाब उठा दो, मेरे हुजूर जलवा फिर एक बार दिखा दो, मेरे हुजूर वो मर्मरी से हाथ, वो महका हुआ बदन टकराया मेरे दिल से, मोहब्बत का एक चमन मेरे भी दिल का फूल खिला दो, मेरे हुजूर

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिये आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिये आ रंजिश ही सही..

In reply to by दुर्गविहारी

मुक्काला मुकाबला होगा... ओलैला जालिम हसिना बदी मन चली है पर क्या करु तेरी मस्ती चढीं है निंद चुराके चैन चुरायेगा तेरा... मुक्काला मुकाबला होगा... ओलैला

लेकर हम दीवाना दिल, फिरते है मंज़िल मंज़िल कही तो प्यारे, किसी किनारे, मिल जाओ तुम अंधेरे उजाले..तराम पम.. लेकर हम दीवाना दिल, फिरते है मंज़िल मंज़िल

लेकर हम दीवाना दिल फिरते है मंजिल मंजिल कही तो प्यारे किसी किनारे मिल जाए दो अंधेरे उजाले

लो चली मै अपने देवर की बारात लेके लो चली मै न बॅंड बाजा नाही बाराती, खुशियों की सौगात लेके लो चली मै

मै दुनिया भुला दुंगा तेरी चाहत में है दुश्मन जमाना मुझेना भुलाना मई सबको मिटा दुंगा तेरी चाहत में

ना जाने कहा से आई है ना जाने कहा को जाएगी दीवाना किसे बनाएगी इ लडकी

नशा ये प्यार का नशा है ये मेरी बात यारों मानो नशे में यार डूब जाओ रहो न होश में दीवानों के जबसे मैने तुमको दिल ये दे दिया मीठा मीठा सा दर्द ले लिया सुनो ओ प्रिया मैने तुमको दिल दिया नशा ये प्यार का ...

कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् चोली के पिचे क्या है चोली के पिचे ? चुनरी के निचे क्या है ? चुनरी के निचे ? चोली मे दिल है मेरा चुनरी मे दिल है मेरा.. ये दिल मै दुंगी मेरे यार को.. प्यार को...

In reply to by पद्मावति

जुम्मा, जुम्मा, जुम्मा, जुम्मा, जुम्मा जुम्मा, जुम्मा जुम्मा जुम्मा जुम्मा जुम्मा जुम्मा अरे ओ जुम्मा, मेरी जानेमन, बाहर निकल आज जुम्मा है, आज का वादा है देख मैं आ गया, तू भी जल्दि आ मुझे मत और तड़पा अरे तू बोली थी पिछले जुम्मे को चुम्मा दूंगी अगले जुम्मे को आज जुम्मा है तो आजा आजा जुम्मा चुम्मा दे दे, जुम्मा चुम्मा दे दे चुम्मा जुम्मे के दिन किया चुम्मे का वादा जुम्मे को तोड़ दिया चुम्मे का वादा ले आ गया रे फिर जुम्मा-चुम्मा ...

In reply to by द-बाहुबली

मन क्यों बहका री बहका, आधी रात को बेला महका री महका, आधी रात को किस ने बन्सी बजाई, आधी रात को जिस ने पलकी चुराई, आधी रात को

In reply to by पद्मावति

क्या तुम मुझसे प्यार कर्ती हो ? क्या तुम मुझपे दिलसे मरती हो.. हां कसम से, कसम से हां कसम से, कसम की कसम कसम से सनम हम जनम जनसे तुमपे मरते है...

In reply to by द-बाहुबली

रुक रुक रुक अरे बाबा रुक ओ माय डार्लिंग गिव मी अ लुक दिल मेरा धडके तेरे लिये असं सगळं झालं की लव हुआ लव हुआ -आलिशा चिनाय आजारी असणार तेव्हा अक्षर अ

In reply to by प्यारे१

आजा मेरी गाडी मे बैठ जा आजा मेरी गाडी मे बैठ जा लौंग ड्राइव जायेंगे फुल स्पिड जायेंगे कही रुकेंगेना हम गाना बजाना खाना पिना गाडीमे होगा सनम आजा मेरी गाडी मे बैठ जा आजा मेरी गाडी मे बैठ जा

In reply to by अभ्या..

हो पण मी रिप्लाय ज वरुन दिला होता... पण नेट स्लो झालेल तोवर तुम्ही नी पर्यंत पोहचलात I My Sorry बर का?

In reply to by नीलमोहर

रुक जा ओ जानेवाली रुक जा मै तो राही तेरी मंजिल का नजरोमे त्री मै बुरा सही आदमी बुरा नही मेऐ दिलका (अभ्या कसाही असला तरी नीच नाहीये रे, असे कोण नीच म्हणायचा बे)

रात अकेली है बुझ गए दिये आके मेरे पास कानो में मेरे हो भी चाहे कहिए जो भी चाहे कहिए

In reply to by एक एकटा एकटाच

>>> जो भी चाहे कहिए जौ दे बे, आपला पोट्टा हाय ना बे. कशाला कय बि बोलु र्‍हायला बे?

In reply to by एक एकटा एकटाच

ए लो जी सनम हम आगये आज फिर दिल लेके अब ईतनाभी गुस्सा करो नाही जानी ये खओया खोया मौसम पवन दिवानी

In reply to by अभ्या..

असच केलं तर मी काय बी टायपायला चालू करीन हा. उद्या मामलेदार म्हणायचे "लावलं हरभरा अन कसं वाढलं भरभरा."

In reply to by एक एकटा एकटाच

>>>> चेहरा ये बदल जाएगा..... प्लास्टीक सर्जरी ? गाता रहे मेरा दिल तु ही मेरी मंजिल ल च येतंय शेवट.

In reply to by अभ्या..

नन्हे मुन्ने बच्चे तेरी मुठ्ठी में क्या है मुठ्ठी में है तक़दीर हमारी हमने किस्मत को बस में किया है

In reply to by एक एकटा एकटाच

ते आळवून म्हणायची जुदाई हाय व्हय. मला वाटले ते चार दिनोंदा प्यार ओ रब्बा लंबी जुदाई, तेरे बिना दिल मेरा लागे कहीना, तेरे बिना जां मेरी जाये कहीना, हाश्म्याचे गाणे.