| जनातलं, मनातलं |
सारे प्रवासी गाडीचे |
भोचक |
| जे न देखे रवी... |
गमतीदार ऊखाणे. |
विवेकवि |
| काथ्याकूट |
मला काय आवडले? |
मनापासुन |
| जनातलं, मनातलं |
दुरावा! |
पिवळा डांबिस |
| काथ्याकूट |
मैत्री म्हणजे कांय? |
उदय सप्रे |
| जनातलं, मनातलं |
मेक्सिकन गंबो |
चित्रा |
| जे न देखे रवी... |
(गजल) |
चतुरंग |
| जनातलं, मनातलं |
दडपे पोहे |
सृष्टीलावण्या |
| जनातलं, मनातलं |
संवादाची ऐशी तैशी |
आपला अभिजित |
| जे न देखे रवी... |
(कुजबुज) |
केशवसुमार |
| जे न देखे रवी... |
(भूक ही खरी किती) |
चतुरंग |
| काथ्याकूट |
धर्म आणि संयुक्त राष्ट्रसंघ |
विकास |
| जनातलं, मनातलं |
मी (गंभीर) मराठी |
आनंद घारे |
| जे न देखे रवी... |
.....बळ दे ! |
उदय सप्रे |
| कौल |
मिसळपाव का आवडते? |
सरपंच |
| जे न देखे रवी... |
उरून राहता येतं ! |
उदय सप्रे |
| जनातलं, मनातलं |
सापेक्षतावादाच्या जनकाची ५३ वी पुण्यतिथी! |
चतुरंग |
| जे न देखे रवी... |
एक अशीही केस... |
अजय जोशी |
| कौल |
मिसळपाववर केवळ प्रमाणभाषेत लिहिणार्यांनाच लिहिण्याची परवानगी असावी असं आपल्याला वाटतं का? |
ऋषिकेश |
| कौल |
शेतकर्यांना भाव मिळत असताना महागाईचा बाऊ नको असे शरद पवार म्हणाले. ह्यात तथ्य किती मानावे? |
देवदत्त |
| जनातलं, मनातलं |
नकलाकार..... |
उदय सप्रे |
| जे न देखे रवी... |
गजरा..... |
उदय सप्रे |
| जे न देखे रवी... |
आई समीप येता |
अजय जोशी |
| जनातलं, मनातलं |
फस्क्लास भेळ !! |
डॉ.प्रसाद दाढे |
| काथ्याकूट |
ह्या गांधींचं करायचं काय ??? |
छोटा डॉन |
| जे न देखे रवी... |
हात द्या, मात द्या ... |
अजय जोशी |
| जनातलं, मनातलं |
साहेबलोक ! |
संदीप चित्रे |
| जे न देखे रवी... |
प्लॅन्चेट |
उदय सप्रे |
| जनातलं, मनातलं |
आयुष्य |
जयवी |
| जनातलं, मनातलं |
मटाचं मराठी पर्व |
नीलकांत |