| कलादालन |
बारवीचे जंगल व आक्षीचा समुद्र.. |
शैलेन्द्र |
| जे न देखे रवी... |
स्वप्नचित्र... |
सांजसंध्या |
| कलादालन |
खरबुजाचा आस्वाद |
सर्वसाक्षी |
| कलादालन |
कोस्टर्स |
जयवी |
| जे न देखे रवी... |
जगणे असेच का असते? |
निश |
| जनातलं, मनातलं |
गर्भातील चिमुकलीचे काही अनुत्तरीत प्रश्न..... |
अमितसांगली |
| जे न देखे रवी... |
ते एक घर... |
निश |
| जे न देखे रवी... |
नभांगण...!! |
वेणू |
| जनातलं, मनातलं |
मि .पा. करांची कविता...... |
पियुशा |
| जे न देखे रवी... |
म्याबी कवि होनार |
दादा कोंडके |
| जे न देखे रवी... |
काशीबाई काशीबाई |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
मी पप्पा |
पाषाणभेद |
| काथ्याकूट |
बायका आणि अंनिस!!! |
पिवळा डांबिस |
| जे न देखे रवी... |
ती वेळ निराळी होती . . . .. |
अरूण म्हात्रे |
| जनातलं, मनातलं |
चुकवू नये अशी - कहानी |
नगरीनिरंजन |
| जे न देखे रवी... |
रक्तगंध |
प्रचेतस |
| काथ्याकूट |
महासंपन्न महाराज्ञी! |
हुप्प्या |
| जनातलं, मनातलं |
'डर्टी पिक्चर' : उलाला...उलाला...उलाला...उलाला |
सोत्रि |
| जनातलं, मनातलं |
सेवा - एक आंदोलन |
विश्वास कल्याणकर |
| जे न देखे रवी... |
तेव्हा येईल अर्थ खरा जगण्याला |
गोंधळी |
| जे न देखे रवी... |
खेळ नियतींचा |
अविनाशकुलकर्णी |
| कलादालन |
केबल कफ कॅप |
जयवी |
| कलादालन |
मराठी गझल. |
तर्री |
| जनातलं, मनातलं |
फुलांची महामंडई-मार्केट यार्ड-पुणे |
अत्रुप्त आत्मा |
| जनातलं, मनातलं |
मंत्रालयाच्या दारातल्या उपेक्षिताचं मनोगतं |
रघु सावंत |
| जनातलं, मनातलं |
मेरे अवगुन चित ना धरो... |
चैतन्य दीक्षित |
| जे न देखे रवी... |
जोवरी |
अज्ञातकुल |
| जे न देखे रवी... |
आज कुणी का राम व्हावे |
सांजसंध्या |
| जनातलं, मनातलं |
राष्ट्रीय दहशतवाद प्रतिबंधक केंद्र... |
अमितसांगली |
| जनातलं, मनातलं |
झुंई... |
गवि |